Russia Ukraine War: यूक्रेन ने रूस के तेल ठिकानों व 'शैडो फ्लीट' पर किया हमला 

रूस-यूक्रेन युद्ध तेज, यूक्रेन ने रूस के रणनीतिक ठिकानों को बनाया निशाना

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नई द‍िल्‍ली, (सच कहूँ/ डेस्क / एजेंसी)। रूस के अब तक के सबसे घातक हमले के जवान में यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन रूस के हमलों का पूरी तरह उचित और सटीक जवाब दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी बलों ने रूस के कई रणनीतिक ठिकानों और ईंधन केंद्रों को निशाना बनाया है।" यूक्रेन के राष्‍ट्रपत‍ि व्‍लोद‍िमिर जेलेंस्‍की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''हम रूस के हमलों का पूरी तरह उचित और सटीक तरीके से जवाब देना जारी रखे हुए हैं। सोमवार को यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई ने उन तय किए गए ठिकानों को निशाना बनाया जो रूस की आक्रामकता को समर्थन देते हैं और उसके लिए वित्तीय मदद जुटाते हैं।''

जेलेंस्‍की ने बताया क‍ि यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसएसयू) की इकाइयों ने स्तावरोपोल क्षेत्र में एक साथ तीन तेल भंडारण केंद्रों पर हमला किया, जबकि हमारी सशस्त्र सेनाओं की इकाइयों ने इसी क्षेत्र में एक और ईंधन केंद्र को निशाना बनाया। काला सागर में रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के तीन टैंकरों पर सीधे हमले दर्ज किए गए। यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने कहा क‍ि मैं हमारी हर उस इकाई का धन्यवाद करता हूं जो रूस को यह एहसास दिलाने में मदद कर रही है कि इस युद्ध का अंत होना चाहिए।


रूस ने रव‍िवार को यूक्रेन के बैलिस्टिक मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमला क‍िया। रविवार को करीब पांच घंटे तक चले इस भीषण हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने कीव पर लगभग 40 इस्कंदर-एम और हाइपरसोनिक जिरकॉन मिसाइलें दागीं। रात करीब 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हवाई हमले का सायरन बजा, जिसके तुरंत बाद वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं। कुछ ही मिनटों में लगातार धमाकों और विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने लगीं।


यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे अब तक के बड़े हमलों में से एक करार दिया है। हमले के कारण शहर के कई हिस्सों में आग लग गई और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। शनिवार को यूक्रेनी ड्रोन हमलों में मास्को और तांबोव क्षेत्रों के ई-कॉमर्स गोदामों को निशाना बनाया गया था, जहां आठ लोगों की मौत हुई और कई स्थानों पर भीषण आग लग गई थी। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि इन लॉजिस्टिक्स केंद्रों का उपयोग ड्रोन निर्माण और नेविगेशन उपकरणों के लिए प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति में किया जा रहा था।

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