Complementary
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एक दूसरे के पूरक हैं विचार और साहित्य
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By Sach Kahoon Desk
विचार और साहित्य एक-दूसरे के पूरक होते हैं। विचार आत्मा है और साहित्य शरीर।विचार अपंग होता है तो साहित्य अंधा। विचार बीज है तो साहित्य हवा, पानी, खाद, दवा। यदि साहित्य और विचार को एक-दूसरे का सहारा न मिले तो अलग-अलग रहकर दोनों अपना महत्व खो देते हैं। दोनों के गुण भी बिल्कुल अलग-अलग होते […]