किसान ने लगाया व्यापारियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप

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श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक किसान ने अनाज मंडी में तीन फर्मों का संचालन करने वाले व्यापारियों पर हेराफेरी कर उसे चार करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। किसान द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर सदर थाना पुलिस ने प्रवीण गोयल संचालक शक्ति एग्रो प्राइवेट लिमिटेड 90-बी पुरानी धान मंडी, उसके भाई सुभाष गोयल और भतीजे पुनीत पर जालसाजी एवं धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार स्थानीय के ब्लॉक निवासी संजय ने दर्ज करवाए मुकदमे में बताया कि उसकी चक 22-एलएनपी में कृषि भूमि है, जहां वह फसलों के साथ उच्च तकनीक के बीज का उत्पादन होता है। वह 2010 से प्रवीण गोयल की फार्म पर फसल का विक्रय कर रहा है। शक्ति एग्रो प्राइवेट लिमिटेड रजिस्टर्ड फर्म है। आपसी विश्वास के चलते वह प्रवीण गोयल को रबी और खरीफ की फसलें बेचता रहा। (Sriganganagar News)

प्रवीण उसे कभी पक्की तो कभी कच्ची रसीद फसल विक्रय पर देता था। प्रवीण के भाई सुभाष गोयल की नई अनाज मंडी में मै. विनोद कुमार प्रेम कुमार के नाम से फर्म है। पुनीत गोयल, प्रवीण तथा सुभाष गोयल का भतीजा है, जो इनकी फार्म में सहयोग करता है और खुद को फर्म का सीओ तथा भागीदार बताता है। संजय सहारण का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों के दौरान उसके द्वारा बेची गई फसलों और बीज के हिसाब किताब में इन तीनों ने गड़बड़ी कर उसे भारी नुकसान पहुंचाया है। पुलिस के मुताबिक संजय सारण ने इन व्यापारियों द्वारा शक्ति एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड के अलावा चलाई जा रही दो और फर्मों श्रीराम तथा जय श्रीराम से संबंधित रिकॉर्ड कृषि उपज मंडी समिति से सूचना के अधिकार के तहत हासिल करने पर पता चला कि श्रीराम और जयश्रीराम फर्में मंडी समिति में रजिस्टर्ड ही नहीं है। (Sriganganagar News)

यह व्यापारी उसके द्वारा बेची गई फसलों कि उसे इन फर्मों की कच्ची पर्चियां गत 10 वर्षों के दौरान देते रहे। इनका एक गोदाम चक 7-ई छोटी में रिद्धि सिद्धि कॉलोनी के पास हनुमानगढ़ रोड पर है। गोदाम में बीज प्रोसेसिंग यूनिट लगाया हुआ है। यहां पर इनके द्वारा काटी गई पर्ची के आधार पर वह फसल दे आता था। श्री सहारण ने इन व्यापारियों पर उसे ब्याज सहित चार करोड़ 21 लाख से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया हैं। पुलिस ने बताया कि धारा 406, 420, 467, 468 और 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच सहायक पुलिस निरीक्षक रामजीलाल को सौंपी गई है।