Guru Dakshina Literature

गुरु दक्षिणा

एक बार एक शिष्य ने विनम्रतापूर्वक अपने गुरु जी से पूछा-‘‘गुरु जी, कुछ लोग कहते हैं कि जीवन एक संघर्ष है, कुछ अन्य कहते हैं कि जीवन एक खेल है और कुछ जीवन को एक उत्सव की संज्ञा देते हैं। इनमें कौन सही है? गुरु जी ने तत्काल धैर्यपूर्वक उत्तर दिया- पुत्र, जिन्हें गुरु नहीं […]
साहित्य