शिक्षा और रोजगार
खैरपुर स्कूल के नए भवन की तैयारी तेज, 20 सरकारी स्कूलों की भवन सुरक्षा रिपोर्ट आई सामने
खैरपुर के 12 कंडम बरामदे और भरोखां के जर्जर हिस्से सील, असुरक्षित भवनों में पढ़ाई पूरी तरह बंद
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। जिले के सरकारी स्कूलों में जर्जर और कंडम भवनों को लेकर कराए गए विशेष सत्यापन में राहत और चिंता दोनों तस्वीरें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) की ओर से तैयार रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि जिले के किसी भी कंडम भवन में कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। सभी असुरक्षित हिस्सों को सील कर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। वहीं सबसे अधिक प्रभावित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरपुर के लिए नए बहुमंजिला भवन के निर्माण का संशोधित प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया गया है।
रिपोर्ट में जिले के 20 सरकारी स्कूलों की भवन स्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरपुर और भरोखां ऐसे स्कूल हैं, जहां जर्जर हिस्सों को पूरी तरह बंद कर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा 18 अन्य सरकारी स्कूलों में मरम्मत, भवन विस्तार, छत बदलने और पहली मंजिल के निर्माण जैसी आवश्यकताओं को चिन्हित किया गया है, ताकि भवन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
खैरपुर स्कूल में 13 कमरे जर्जर, नए भवन का संशोधित प्रस्ताव भेजा
रिपोर्ट में सबसे गंभीर स्थिति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरपुर की सामने आई। यहां कुल 34 कमरों में से 21 उपयोग योग्य हैं, जबकि 13 कमरे जर्जर पाए गए। इनमें 12 बरामदे पहले ही जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा कंडम घोषित किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान सभी असुरक्षित हिस्से पूरी तरह सील मिले और वहां विद्यार्थियों तथा स्टाफ का प्रवेश प्रतिबंधित पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार पहले स्कूल के लिए करीब 64.35 लाख रुपये का मरम्मत प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन तकनीकी जांच में यह आशंका सामने आई कि कंडम घोषित बरामदों से सटे अन्य कमरे भी भविष्य में प्रभावित हो सकते हैं।
इसके बाद विभाग ने अतिरिक्त कक्षों और बहुमंजिला भवन के निर्माण को शामिल करते हुए संशोधित प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरोखां का भी उल्लेख किया गया है। यहां कुल 26 कमरे उपयोग योग्य पाए गए, लेकिन भवन के सामने बने बरामदों की स्लैब क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें एहतियातन सील कर दिया गया है। इन हिस्सों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया गया है और मरम्मत के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
18 अन्य स्कूलों में भी निर्माण और मरम्मत की जरूरत
सीएमजीजीए रिपोर्ट में जिले के 18 अन्य सरकारी विद्यालयों में भी भवन सुधार की आवश्यकता दर्ज की गई है। कहीं सामान्य मरम्मत, कहीं छत बदलने, कहीं भवन विस्तार तो कहीं पहली मंजिल के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभाग का कहना है कि अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई सामान्य रूप से चल रही है, लेकिन भविष्य में किसी प्रकार का सुरक्षा जोखिम न रहे, इसके लिए समय रहते निर्माण कार्य कराना जरूरी है।
रिपोर्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महाबीर दल, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरसा, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय अनाज मंडी, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय महाबीर दल, राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय नंबर-2 सरसा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फूलकां, बाजेकां, खैरेकां, मोरीवाला, चत्तरगढ़ पट्टी, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बणी, शेरगढ़, चौहान नगर और ढुकड़ा सहित कुल 18 विद्यालयों का उल्लेख किया गया है।
इनमें बाजेकां में छत बदलने, खैरेकां और मोरीवाला में पहली मंजिल के निर्माण तथा डबवाली के चौहान नगर स्थित विद्यालय में भवन विस्तार की आवश्यकता बताई गई है। अन्य विद्यालयों में सामान्य मरम्मत और अतिरिक्त कक्षों की जरूरत दर्ज की गई है। जिला शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट में प्रमाणित किया है कि जिले के किसी भी सरकारी स्कूल में कंडम घोषित भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। सभी असुरक्षित हिस्सों की बैरिकेडिंग और सीलिंग कर विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की पहुंच पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।
जिले के जिन सरकारी स्कूलों में भवनों की मरम्मत या निर्माण की आवश्यकता चिन्हित हुई है, उनके प्रस्ताव नियमानुसार तैयार कर मुख्यालय भेजे जा चुके हैं। सभी कंडम और असुरक्षित हिस्सों को सील कर वहां विद्यार्थियों एवं स्टाफ का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। हमारी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखना है।
— कृष्ण कुमार वर्मा, डीपीसी, समग्र शिक्षा, सरसा।