Monsoon Update: दिल्ली-हरियाणा में मानसून की एंट्री, 5 से 8 जुलाई तक भारी वर्षा के आसार
IMD का बड़ा अपडेट, उत्तर भारत में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
नई दिल्ली/हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। प्रतीक्षित दक्षिण-पश्चिम मानसून राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से होता हुआ हरियाणा तक में पहुंच गया है। मानसून का आगमन निर्धारित तिथि 27 जून से पांच दिन देरी से हुआ। राजधानी के अधिकांश हिस्से हल्की वर्षा से भीगे तो वहीं हरियाणा के फतेहाबाद, हिसार, हांसी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, करनाल और गुरुग्राम सहित कई जिलों में अलसुबह जमकर बारिश हुई। Monsoon Update
भारत मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। हरियाणा के बाकी इलाकों में हल्की बरसात के कारण अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 4-5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुँच गए। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ने दिल्ली व हरियाणा में नरम लैंडिंग की है।
एक पूर्व-पश्चिम निर्मित ट्रफ उत्तर पंजाब और बंगाल की खाड़ी पर विक्षोभकारी चक्रवातों को जोड़ रहा है, जो दिल्ली के पास बना हुआ है। जैसे-जैसे बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बनकर अंदर की ओर बढ़ेगा, यह ट्रफ मजबूत होगा और दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में व्यापक मौसमी गतिविधि तेज होगी। अब हरियाणा व दिल्ली में 4 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश कम तीव्रता की बने रहने का अनुमान है। Monsoon Update
5 से 8 जुलाई के बीच वर्षा की फैलाव और तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है; इस दौरान मध्यम दर्जे की बरसात व गरज-आंधी के साथ दिन-रात दोनों के तापमान में गिरावट आएगी। धूप के समय उमस बढ़ने से वातावरण गर्म व आद्र बनेगा, जबकि रातें अपेक्षाकृत बेहतर व सुहावनी रहने की उम्मीद है। मानसून के रुझान पर नजर रखते हुए मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि जुलाई व अगस्त दिल्ली के लिए सबसे वर्षामय महीने होते हैं।
जून का शुरूआत कमजोर रहने के बावजूद इस साल जुलाई के पहले दस दिनों में उत्तर भारत में ठोस मानसूनी गतिविधि की संभावना जताई जा रही है। पिछले छह वर्षों में दिल्ली के जुलाई माह में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पर इस बार दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में औसतन रूप से कम बारिश की संभावना है। Monsoon Update