अब अंबाला साइंस सेंटर को जाना जाएगा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नाम से: मुख्यमंत्री

शहर में 85 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक साइंस सेंटर

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अंबाला (सच कहूँ न्यूज)। Ambala News: भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृतियों को संजोने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अंबाला में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि शहर में 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक साइंस सेंटर का नामकरण डॉ. मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय निर्माणाधीन शहीद स्मारक के समीप उनकी एक भव्य प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इस विशेष समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की और डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाला की भूमि का डॉ. मुखर्जी के जीवन और उनके अंतिम संघर्ष से गहरा ऐतिहासिक नाता रहा है।

सरकार उनके विचारों और राष्ट्र सेवा के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले वर्ष से शुरू हुआ यह विशेष जयंती समारोह जुलाई 2027 तक दो वर्षों के लिए एक देशव्यापी अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। डॉ. मुखर्जी के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वे मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने थे। इसके बाद, संविधान सभा के सदस्य के रूप में उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी संभाला था। कायक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी की राजनीतिक शुचिता और सिद्धांतों के प्रति उनके समर्पण को याद किया। वर्ष 1950 में वैचारिक मतभेदों के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने देश को एक वैकल्पिक राजनीतिक दृष्टिकोण दिया।

8 मई 1953 को जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान अंबाला रेलवे स्टेशन से ही उन्होंने तत्कालीन कश्मीर प्रशासन को बिना परमिट राज्य में प्रवेश करने की ऐतिहासिक चुनौती दी थी। इसके बाद रावी नदी के पुल को पार कर बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जहां नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में मेक इन इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसे बड़े फैसले डॉ. मुखर्जी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को ही धरातल पर उतारने का प्रयास हैं।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।

अनुच्छेद 370 की समाप्ति और सीएए को जेपी नड्डा ने बताया राष्ट्रवाद का नया अध्याय

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि देश को एक सूत्र में पिरोने और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विजन को आज जमीनी स्तर पर उतारा जा रहा है। एक राष्ट्र, एक विधान का जो सपना उन्होंने देखा था, वह वर्तमान सरकार की नीतियों में स्पष्ट झलक रहा है। वे अंबाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री ने वर्तमान सरकार की आर्थिक और शैक्षणिक नीतियों को डॉ. मुखर्जी के दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि मेक इन इंडिया, सेमीकंडक्टर निर्माण, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत अभियान वास्तव में उनके आर्थिक राष्ट्रवाद को ही आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होेंने कहा कि यमुनानगर ताप विद्युत संयंत्र, द्वारका एक्सप्रेसवे और खरखौदा में मारुति के नए प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने राज्य में औद्योगिक क्रांति की नई इबारत लिखी है। 

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