तेंदुए की मौत से वन्यजीव विभाग सतर्क, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के लक्षण मिलने से जांच तेज
कलेसर जंगल में तेंदुए की मौत, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की आशंका से वन्यजीव विभाग अलर्ट
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: उपमंडल छछरौली के कलेसर जंगल स्थित सेंचुरी एरिया में मिले एक नर तेंदुए की मौत के बाद वन्यजीव विभाग सतर्क हो गया है। पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के गंभीर लक्षण पाए गए हैं। हालांकि बीमारी की अंतिम पुष्टि के लिए विसरा हिसार लैब भेजा गया है। विभाग को आशंका है कि यदि संक्रमण की पुष्टि होती है तो अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। मृत तेंदुआ करीब 8 से 10 माह का नर था।
ग्रामीणों के अनुसार, कलेसर जंगल के सेंचुरी क्षेत्र के समीप शाहजादवाला गांव के पास तेंदुआ गंभीर हालत में तड़पता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद वन्यजीव विभाग को सूचना दी गई। उपचार के प्रयासों के दौरान उसकी मौत हो गई।
तेंदुए का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम में लीवर और हृदय पर गंभीर प्रभाव, आंतों में ब्लीडिंग तथा श्वसन तंत्र में भी कई तरह की विकृतियां मिलीं। चिकित्सकों का कहना है कि इनमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के लक्षण दिखाई दिए हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
पशुपालन विभाग के डॉ. सतीश धनिया ने बताया कि नियमों के अनुसार मृत तेंदुए का अंतिम संस्कार कर अवशेषों को हाथी पुनर्वास केंद्र परिसर में जमीन में दबा दिया गया। जांच के लिए उसका विसरा हिसार लैब भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मृत तेंदुआ नर था और उसकी अनुमानित आयु 8 से 10 माह थी।
डॉ. सतबीर नैन ने बताया कि सामान्यतः इस प्रकार के संक्रमण से ग्रसित वन्यजीव स्वयं झुंड से अलग-थलग हो जाते हैं, जिससे बीमारी के व्यापक स्तर पर फैलने की आशंका कम रहती है। फिर भी एहतियात के तौर पर अन्य वन्यजीवों पर नजर रखी जा रही है।
वन्यजीव विभाग की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि दो दिन पहले रामपुर खादर क्षेत्र में एक अन्य तेंदुआ भी आबादी के पास देखा गया था, जो सुस्त और बीमार नजर आ रहा था। कलेसर नेशनल पार्क और सेंचुरी क्षेत्र में तेंदुओं की अच्छी संख्या होने के कारण विभाग अब निगरानी और सतर्कता बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है।

About The Author