Snake News: जाखल में 3 दिन से अलमारी के नीचे छिपा था 'साइलेंट किलर' कॉमन करैत, नवजोत ढिल्लों ने सूझबूझ से किया रेस्क्यू, टाला बड़ा हादसा
घर में छिपे देश के सबसे जहरीले कॉमन करैत का रेस्क्यू
जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Snake News: जाखल-बुढलाडा रोड स्थित मास्टर कॉलोनी में पिछले तीन-चार दिनों से मंडरा रहा मौत का साया आखिरकार टल गया। पार्षद कुलवंत के घर के पास रहने वाले सुरेंद्र शर्मा के मकान में तीन दिन से छिपा देश का सबसे जहरीला सांप 'कॉमन करैत' शुक्रवार रात को दोबारा दिखाई दिया। सुबह करीब 5:30 बजे टोहाना से पहुंचे विख्यात स्नेक रेस्क्यूअर नवजोत सिंह ढिल्लों ने अपनी सूझबूझ से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर परिवार को एक बड़े हादसे से बचा लिया।
तीन दिन तक चला 'लुकाछिपी' का खेल
सुरेंद्र शर्मा के परिवार ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से घर में सांप दिखाई दे रहा था। परिवार ने पूरे घर की कई बार तलाशी ली। यहां तक कि तीन दिन पहले घर की अलमारी को भी बाहर निकालकर अच्छी तरह जांचा गया था, लेकिन सांप का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर था। शुक्रवार रात करीब 2:30 बजे सांप अचानक फिर से रेंगता हुआ दिखाई दिया, जिससे घर में हड़कंप मच गया।
सुबह 5:30 बजे रेस्क्यू टीम ने चलाया ऑपरेशन
सुबह होते ही परिवार ने तुरंत स्नेक रेस्क्यूअर नवजोत सिंह ढिल्लों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे नवजोत ढिल्लों ने अपनी पुरानी रेस्क्यू तकनीकों और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए उसी अलमारी की दोबारा बेहद बारीकी से जांच शुरू की। जांच के दौरान अलमारी के नीचे लगे पावों के बीच बने एक संकरे गैप में कॉमन करैत कुंडली मारे छिपा बैठा मिला। नवजोत ने बिना वक्त गंवाए उसे अत्यंत सुरक्षित तरीके से काबू में किया और मानव बस्ती से दूर ले जाकर प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में आजाद कर दिया।
'साइलेंट किलर' है कॉमन करैत: नवजोत ढिल्लों
रेस्क्यू के बाद एक्सक्लूसिव बातचीत में नवजोत सिंह ढिल्लों ने बताया कि कॉमन करैत भारत के 'बिग फोर' (चार सबसे खतरनाक सांपों) में से एक है। उन्होंने इसके जहर से जुड़ी बेहद चौंकाने वाली जानकारियां साझा कीं।
न्यूरोटॉक्सिक जहर: इसका विष सीधे इंसान के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर हमला करता है।
मच्छर जैसा दंश: इसके दांत इतने छोटे होते हैं कि काटने पर दर्द बहुत कम होता है, मानो किसी मच्छर या चींटी ने काटा हो। इसके काटने का निशान भी दिखाई नहीं देता।
अंधेरे के लक्षण: रात में सोते हुए व्यक्ति को यदि यह काट ले, तो सुबह होते-होते पलकें भारी होना, बोलने में परेशानी, निगलने में दिक्कत और सांस रुकने जैसे गंभीर लक्षण सामने आते हैं।
अंधविश्वास छोड़ तुरंत अस्पताल भागें
नवजोत ढिल्लों ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक, तांत्रिकों या घरेलू नुस्खों के चक्कर में पड़कर एक सेकंड भी बर्बाद न करें। यह सीधा मौत को बुलावा देना है। सांप काटते ही मरीज को तुरंत ऐसे नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो। समय पर मिला इलाज ही मरीज की जान बचा सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात के मौसम में यह सांप गर्मी और सूखी जगह की तलाश में घरों में घुसते हैं। इसलिए जमीन पर सोने से बचें, घर के आसपास कबाड़ न जमा होने दें और सांप दिखने पर उसे खुद पकड़ने या मारने की गलती कतई न करें।
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