PhD Research Supervisor Jobs: पीएचडी सुपरवाइज़र लगने का सुनहरी मौका, डॉ.भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय ने आवेदन किये आमंत्रित
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 24 जुलाई 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं
जयपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2022 के प्रावधानों के तहत पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के लिए योग्य शिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में संबद्ध सभी विधि महाविद्यालयों के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 24 जुलाई 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। Rajasthan News
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कुलसचिव वीरेंद्र वर्मा (आरएएस) द्वारा जारी आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी विधि महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र संकाय सदस्यों से आवेदन प्राप्त कर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं। आवेदन प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया) विनियम-2022 के अनुरूप संचालित की जा रही है।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य संबद्ध विधि महाविद्यालयों में कार्यरत योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों का एक पैनल तैयार करना है, जो भविष्य में पीएचडी शोधार्थियों का शैक्षणिक मार्गदर्शन कर सकें। आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता मानदंड एवं अन्य आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। Rajasthan News
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. निष्ठा जसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अनुभवी, योग्य एवं शोधोन्मुख शिक्षकों की भागीदारी से शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी और शोधार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उत्कृष्ट शोध संस्कृति का विकास करना, नवाचार को बढ़ावा देना तथा अकादमिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के रूप में योग्य शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहन मिलेगा और विधि शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान को नई गति मिलेगी। Rajasthan News