'बिछड़ा कुछ इस कदर..एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया'
गैर जनपद स्थानांतरण पर कोतवाली प्रभारी रहे समयपाल अत्री का विदाई समारोह आयोजित, साथी पुलिसकर्मियों ने पुष्प मालाएं पहनाकर किया सम्मानित
कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। Kairana News: मेरठ परिक्षेत्र में स्थानांतरित होने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री को साथी पुलिसकर्मियों के द्वारा सम्मान समारोह आयोजित करके भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान उन्हें पुष्प-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया।
एक दिन पूर्व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री का मेरठ परिक्षेत्र में स्थानांतरण हुआ है। विगत दिवस कोतवाली प्रांगण में उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें पुष्प-मालाएं पहनाकर एवं बुके भेंट करके सम्मानित किया। साथ ही, उनके कार्यकाल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। वहीं, समयपाल अत्री ने कहा कि पुलिस विभाग उनका परिवार है। स्थानांतरण और तैनाती सेवा का हिस्सा है। हालांकि परिवार के सदस्यों से बिछड़ना काफी मुश्किल भरा होता है। उन्होंने कहा कि शामली की जनता ने उन्हें भरपूर प्यार व सम्मान दिया है। जनपद शामली में बिताया गया प्रत्येक क्षण उन्हें सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर नवनियुक्त कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार, अपराध निरीक्षक योगेंद्र सिंह, एसएसआई अखिल चौधरी, किलागेट चौकी प्रभारी एसआई राजकुमार बघेल, इमामगेट चौकी प्रभारी एसआई जितेंद्र त्यागी, तीतरवाड़ा चौकी प्रभारी एसआई पवन चौधरी, दभेड़ी खुर्द चौकी प्रभारी एसआई गौरव चौहान आदि मौजूद रहे।
पुलिस महानिदेशक के द्वारा डीजी डिस्क अवार्ड से हो चुके सम्मानित
समयपाल अत्री मूलरूप से जनपद अलीगढ़ के टप्पल थानाक्षेत्र के खेड़िया खुर्द गांव के निवासी है। वह वर्ष-1994 में सिपाही के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। बाद में प्रदेश में वर्ष-2011 में हुई परीक्षा में उनका चयन सब-इंस्पेक्टर के पद पर हो गया। जनपद शामली में एसओजी प्रभारी रहते वक्त जुलाई-2025 में वह इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत हो गए। समयपाल अत्री जनपद मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन तथा शामली के कांधला, सिटी कोतवाली व कैराना थानों के प्रभारी रहे है। वह करीब साढ़े दस माह तक कैराना कोतवाली के इंचार्ज रहे है।
सिटी कोतवाली प्रभारी रहते वक्त उन्होंने हाई प्रोफाइल गुड्डन कांबोज हत्याकांड व एक्सिस बैंक में हुई 40 लाख रुपये की लूट का वास्तविक खुलासा करके अधिकारियों व आमजन का विश्वास जीता था। वह जनपद शामली में करीब साढ़े पांच साल तक तैनात रहे है। उन्हें शानदार पुलिसिंग के लिए पिछले साल प्रदेश पुलिस के मुखिया के द्वारा डीजी डिस्क अवार्ड से विभूषित किया गया था। साथी पुलिसकर्मियों ने भारी मन से उन्हें विदाई दी। मशहूर शायर खालिद शरीफ का शेर विदाई के माहौल को कुछ इस तरह से बयां कर रहा था..
'बिछड़ा कुछ इस कदर कि रुत ही बदल गई, इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया'
