लॉकडाउन की मजबूरी ने बदला जीवन का नजरिया
यह अच्छी बात है कि बड़ी संख्या में जनता ने मास्क पहनने व सामाजिक दूरी के नियमों की पालना को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बना लिया है।
अफरीदी के बोल उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा
पाकिस्तान के नामी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी की एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वह भारत के प्रधानमंत्री पर बेहुदा टिप्पणी कर रहा है। गौतम गंभीर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और शिखर धवन जैसे क्रिकेटरों ने शाहिद अफरीदी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि वो ऐसे शब्द कभी स्वीकार नहीं कर सकते।
किसी का हाल जानने के लिए क्या सरकारी मंजूरी लेनी होगी
सोचिये, अगर सड़कों पर बेवस लोगों की भीड़ नहीं होती तो राहुल किसका वक्त बर्बाद करते? सरकार को राहुल का नोटिस लेने की बजाय प्रशासन का नोटिस लेना चाहिए कि क्यों प्रशासन ने गरीबों की बेवसी को अनदेखा कर सरकार से ट्रेन व यातायात की व्यवस्था की आज्ञा नहीं ली।
कोरोना ने बदली अंतरराष्ट्रीय शांति व कूटनीति की दिशा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति को बहाल करने के साथ-साथ विदेश नीति को भी धार देने की आवश्यकता है। कोरोना पूरी दुनिया को बदल चुका है, यह एक ऐतिहासिक विभाजन रेखा बन चुका है। भारत को भी इस ऐतिहासिक रेखा का महत्व सदैव याद रखना होगा।
भारत-नेपाल तनाव में किसका है फायदा
वर्तमान विवाद भी भारत विरोधी किसी संगठन का काम है जो नहीं चाहता है कि नेपाल व भारत में आपसी निकटता बनी रहे। लेकिन भारत विरोधी गठजोड़ नेपाल गठजोड़ भारत-नेपाल संबंधों में आए दिन कोई न कोई नया विवाद जोड़ता आ रहा है। देर सवेर उन ताकतों के चेहरे पर से पर्दा जरूर हटेगा जो भारत-नेपाल रिश्तों को सामान्य व मित्रवत नहीं रहने देना चाहते।
देर-सवेर जाकिर नाईक को भारतीय कानून का सामना करना ही होगा
वास्तविक्ता यह है कि इस्लाम अमन व शांति की शिक्षा देता है। नफरत के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं, सफलता की ओर अग्रसर मुस्लिम देशों में गैर-मुस्लिमों की मौजदूगी अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि विश्वास की भिन्नता मानवीय समाज की मजबूती बन रही है।मुस्लिम देशों के संगठनों के दर्जनों सदस्य हैं जो आतंकवाद को खारिज कर चुके हैं।
प्रवासी मजदूरों की दास्तां
मई महीने में मौसम में बढ़ रही तपिश, रात को ठहरने का कोई प्रबंध न होना, भूखे पेट रहना मजबूत अर्थव्यवस्था जैसे आदर्शों की सफलता में बड़ी रुकावट है। केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारों को प्रवास से घर लौट रहे मजदूरों की पीड़ाजनक दास्तां देखनी व समझनी चाहिए, इनकी घर वापिसी को तेज, सुखद व सफल बनाना चाहिए।
अर्थव्यवस्था व स्वदेशी को प्रोत्साहन सराहनीय
सरकार ने आत्मनिर्भर भारत का नारा देकर स्वदेशी को प्रोत्साहन देने की कोशिश की है, वह सराहनीय है। अब आर्मी कैन्टीन्स पर स्वदेशी सामान ही बेचा जाएगा। आमजन को भी चाहिए कि वह खुलकर स्वदेश निर्मित वस्तुएं खरीदें एवं विदेशी को तब खरीदें जब स्वदेशी न मिले।
भारत को सतर्क रहना होगा
एक ही सप्ताह में भारत-चीन की सीमा पर तनावपूर्ण हलचल न होती। अभी कोरोना की महामारी ने भारत सहित चीन एवं सभी बड़े राष्ट्रो की अर्थव्यवस्थाओं को भारी नुक्सान पहुंचाया है। लेकिन भारत को बेहद सतर्क होने की आवश्यकता है चूंकि भारत की उत्तरी सीमा पर बैठा देश ज्यादा भरोसे लायक नहीं है।
प्रभावी उपायों के बिना पटरी पर नहीं आएगी शिक्षा व्यवस्था
कोरोना लॉकडाउन में शिक्षा से वंचित रहे बच्चों का भविष्य बचाने के लिए सरकार, शिक्षा व समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को पहल करनी होगी। जिस देश में हर साल स्कूल छोड़ देने वाले बच्चों की संख्या लाखों में हो वहां पढ़ाई को बचाने के लिए इसके प्रबंधों पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है।


























