देर-सवेर जाकिर नाईक को भारतीय कानून का सामना करना ही होगा

Sooner Zakir Naik will have to face Indian law
मजहब के नाम पर नफरत फैलाने वाला जाकिर नाइक न केवल भारत बल्कि विश्व की नजरों में भी गिर चुका है। भारत सरकार ने उसके प्रत्यार्पण के लिए मलेशिया सरकार से मांग की है। दरअसल नाइक को इस बात का भलीभांति ज्ञान है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसके दिये स्वार्थपूर्ण भाषणों से उसे आतंकी संगठनों की तरफ से कोई फायदा नहीं होने वाला, इसीलिए अब उसने अकेलापन महसूस करते हुए इस्लामी देशों का सहारा लेने की कोशिश की है। लेकिन यह भी नाइक का भ्रम है कि वर्तमान समय में कोई इस्लामिक संगठन उसके विचारों का समर्थन करे। नाइक ने पिछले दिनों नया पैंतरा दिखाते हुए यह बयान दिया था कि सभी देशों में आने पर भारत के गैर-मुस्लिम लोगों की सूची बनाई जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
दरअसल मलेशिया के अलावा कोई भी अन्य देश नाइक से सहमत नहीं है और अब वह किसी न किसी तरह से आम मुस्लमानों से सहानुभूति से अपना बचाव करने के तरीके ढूँढ रहा है। वास्तविक्ता यह है कि इस्लाम अमन व शांति की शिक्षा देता है। नफरत के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं, सफलता की ओर अग्रसर मुस्लिम देशों में गैर-मुस्लिमों की मौजदूगी अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि विश्वास की भिन्नता मानवीय समाज की मजबूती बन रही है। मुस्लिम देशों के संगठनों के दर्जनों सदस्य हैं जो आतंकवाद को खारिज कर चुके हैं। इस हाल में नाइक का मुस्लिम देशों से हमदर्दी व्यक्त करने की उम्मीद करना बेतुका है। नफरत फैलाकर किसी धर्म का प्रचार करना किसी प्रचारक के मन में दोहरी मानसिकता का ही परिणाम है। धर्म की बुनियाद ही स्रेह पर टिकी हुई है। नफरत फैलाना कानूनी तौर पर गुनाह है और भारत इस मामले में कूटनीतिक प्रयास भी कर रहा है।
भारत का अपना धार्मिक, नैतिक व सामाजिक संकल्प है, जिसे मुस्लिम देशों सहित पूरा विश्व स्वीकार करता है। राजनीतिक तौर पर भी परिस्थितियों में परिवर्तन हो रहा है। चीन जैसे देश जो पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों का सुरक्षा परिषद में बचाव कर रहा था, अब बेबस हो रहे है, जब मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित कर दिया। देर-सवेर नाइक पर भी भारत का शिकंजा कसा जाना है। भले ही नाइक भारतीय मुस्लिमों को भड़काने की कोशिश कर रहा है लेकिन देश की परिस्थितियां उसके इरादों को पूरा नहीं होने देंगी। इधर भारतीयों को भी एकजुट रहना होगा कि यदि हम सहनशीलता, भाईचारा व शांति कायम रखेंगे तब कोई ताकत भारतीय समाज को ठेस नहीं पहुंचा सकती।

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