अपने आप में कानून
यह संयोग नहीं है कि कोरोना महामारी के दौरान पुलिस उत्पीड़न की शिकायतें प्राप्त हुई हैं बल्कि यह महामारी कानून के नियम को नजरंदाज करने के लिए पुलिस के लिए एक बहाना बन गया। प्रवासी मजदूरों, दुकानदारों, पटरी दुकानदारों, आदि की पिटाई और उनको गाली देना आम बात हो गयी है। कर्फ्यू के दौरान सड़क पर लोगों की कान पकडकर परेड कराना भी आम देखने को मिला।
मात्र 12 घंटों में लौटाई 72 घंटों से बिछुड़ी परिवार की खुशियां! भावुक पिता बोले, धन्यवाद गुरुजी!
बेटे के सुरक्षित होने की ...
























