Maharashtra Government Warns: मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना को देखते हुए राज्य के कृषि विभाग ने किसानों और आम नागरिकों के लिए सतर्कता संबंधी परामर्श जारी किया है। विभाग के अनुसार 17 से 20 मार्च के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, आंधी, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश तथा मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में दोपहर के समय बादल घिरने और अचानक मौसम बदलने की संभावना अधिक है। विभाग का कहना है कि 18 से 20 मार्च के बीच इन मौसमीय घटनाओं की तीव्रता बढ़ सकती है। Maharashtra Weather Alert
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर रख दें। यदि फसलें खेत में ही रखी हैं तो उन्हें वर्षा और तेज हवाओं से बचाने के लिए जलरोधी तिरपाल या प्लास्टिक की चादरों से ढक देना चाहिए। साथ ही खेतों में चल रही कृषि गतिविधियों की योजना बनाते समय प्रतिदिन के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम से जुड़ी ताज़ा सूचनाओं पर नजर रखना और फसलों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना इस समय अत्यंत आवश्यक है।
मार्च का मध्य समय महाराष्ट्र में मानसून से पहले के संक्रमण काल का हिस्सा होता है
विशेषज्ञों के अनुसार मार्च का मध्य समय महाराष्ट्र में मानसून से पहले के संक्रमण काल का हिस्सा होता है। इस दौरान भूमि पर बढ़ती गर्मी और समुद्र से आने वाली नमी भरी हवाओं के आपसी प्रभाव से वायुमंडल में अस्थिरता उत्पन्न होती है, जिससे अचानक बादल बनते हैं और दोपहर या शाम के समय आंधी-तूफान जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
यह समय किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि गेहूं, चना तथा कई फल फसलें इस अवधि में कटाई के चरण में होती हैं या खेतों में खुले में रखी रहती हैं। ऐसे में खराब मौसम से इन फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। कृषि विभाग ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि यदि संभव हो तो कटी हुई उपज को तुरंत गोदाम या ढके हुए भंडारण स्थल में सुरक्षित रखें। बागवानी फसलों के लिए ओलावृष्टि से बचाव के जाल लगाने तथा खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
इसके साथ ही पशुपालकों को भी अपने पशुओं को मजबूत शेड में सुरक्षित रखने और खराब मौसम के दौरान उन्हें खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रखने की हिदायत दी गई है। विभाग का कहना है कि रबी फसलों की कटाई के इस महत्वपूर्ण समय में समय रहते एहतियाती कदम उठाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। Maharashtra Weather Alert















