US Iran War: ईरान के खिलाफ ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ इस्तेमाल करने की तैयारी में अमेरिका! जानें कितनी है इसकी तबाही मचाने की ताकत
ईरान के खिलाफ ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ इस्तेमाल करने की तैयारी में अमेरिका! जानें कितनी है इसकी तबाही मचाने की ताकत
US Iran War: अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु बमों में से एक ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB) के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रहा है। हालांकि, इस हथियार का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ पहले कभी नहीं किया गया है और इसकी तैनाती से संघर्ष और बढ़ने की आशंका है।
क्या ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह कर सकता है MOAB? US Iran War
MOAB की विनाशकारी क्षमता काफी अधिक है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह ईरान की गहराई में स्थित संदिग्ध भूमिगत परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। CNN से बातचीत में योजनाओं की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि बहुत गहराई में मौजूद लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए जिस क्षमता की जरूरत होती है, MOAB उसमें कम पड़ सकता है।
क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’?
MOAB का पूरा नाम Massive Ordnance Air Blast है। यह अमेरिका का एक विशाल गैर-परमाणु बम है, जिसे बड़े क्षेत्र में भारी तबाही मचाने के लिए तैयार किया गया है। इसकी विस्फोटक क्षमता और व्यापक प्रभाव इसे बेहद शक्तिशाली पारंपरिक हथियारों में शामिल करते हैं।
हालांकि, यह मुख्य रूप से जमीन के ऊपर मौजूद बड़े क्षेत्र के लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। इसे गहराई में स्थित बंकरों और भूमिगत ठिकानों को भेदने वाला विशेष बम नहीं माना जाता। यही वजह है कि ईरान की गहरी भूमिगत परमाणु सुविधाओं के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रंप के लिए शक्ति प्रदर्शन का विकल्प
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अधिकारी ऐसे विकल्पों पर भी चर्चा कर रहे हैं, जिनसे युद्ध के शुरुआती उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल किए बिना भी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया जा सके। योजना से परिचित एक सूत्र ने कुछ प्रस्तावित विकल्पों को संभावित ‘आतिशबाजी के प्रदर्शन’ जैसा बताया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की सैन्य कार्रवाई ट्रंप को संघर्ष से पीछे हटने का रास्ता दे सकती है, भले ही अमेरिका अपने शुरुआती सैन्य लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल न कर पाए।
युद्ध खत्म करने की कोशिशों के बीच बढ़ा दबाव
यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब युद्ध समाप्त करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयास ठप पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप पर घरेलू राजनीतिक दबाव भी बढ़ने की बात कही जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध और इसके कारण ईंधन समेत अन्य वस्तुओं की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी पर पड़ सकता है। ऐसे हालात में अमेरिका के सामने सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक समाधान के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।
कुल मिलाकर, MOAB के इस्तेमाल पर विचार किए जाने की खबर अमेरिका की संभावित सैन्य रणनीति की ओर संकेत करती है। हालांकि, इस हथियार की तैनाती को लेकर अंतिम निर्णय और ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों पर इसके संभावित प्रभाव की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।