हमसे जुड़े

Follow us

29.2 C
Chandigarh
Thursday, April 16, 2026
More
    Home देश राष्ट्रीय डोप...

    राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक पर लगी संसद की मुहर

    Uttarakhand Parliament

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। खेल और खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक 2022 पर आज संसद की मुहर लग गई। राज्यसभा ने लगभग तीन घंटे की चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव भी अस्वीकार कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। यह विधेयक स्थायी समिति में भेजा गया था। चर्चा का जवाब देते हुए खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देश में खेल और खिलाड़ियों के अनुकूल माहौल बनाने के लिए यह विधेयक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश खेलों के बड़े आयोजनों की तैयारी कर रहा है। शतरंज ओलंपियाड चेन्नई में आयोजित किया गया है। यह अपने आप में एक बड़ी घटना है। उन्होंने कहा कि देश में डोपिंग टेस्ट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसे 10 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने कहा कि भारत को डोपिंग टेस्ट का केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है, फिलहाल देश में 16 देशों के डोपिंग टेस्ट हो रहे हैं। ?

    इस विधेयक से भारत में डोपिंग टेस्ट की क्षमता को संस्थागत रूप किया जा सकेगा

    ठाकुर ने कहा कि डोपिंग टेस्ट क्षमता बढ़ाने के लिए गुजरात के राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ करार करने की तैयारी की गई है। यहां एक प्रयोगशाला बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को डोपिंग टेस्ट के संबंध में जागरूक किया गया है। खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत विशेष अभियान चलाए गए हैं। खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को ओलंपिक के पोडियम तक पहुंचाने के लिए एक करोड़ रुपए तक खर्च किए जाते हैं। इसलिए खिलाड़ियों का डोपिंग के प्रति सतर्क होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उनके जेब खर्च के लिए पैसे दिए जाते हैं। खिलाड़ियों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। लेकिन यह करदाता का पैसा है। इसका पूरा प्रतिदान मिलना चाहिए। सरकार इसका पूरा ध्यान रखती है। उन्होंने कहा कि वाडा की विस्तारित पीठ भारत में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

    इस विधेयक से भारत में डोपिंग टेस्ट की क्षमता को संस्थागत रूप किया जा सकेगा। इससे नाडा का कामकाज सुचारू रूप से चल सकेगा और इसमें स्वायत्तता बनेगी। खिलाड़ियों को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उद्योग, सामाजिक संस्थाओं और गैर सरकारी संस्थाओं को एक साथ आना होगा। देश में 1000 खेल केंद्र बनाने की योजना है । इसमें से 580 को अनुमति दे दी गई है। इन खेल केंद्रों को खिलाड़ियों को ही सौंपा जाएगा और वही इसका संचालन करेंगे। इन केंद्रों में खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। ठाकुर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए सम्मान राशि बढ़ाई जा रही है। खिलाड़ियों के लिए पदक से पहले और पदक जीतने के बाद सरकार पूरी व्यवस्था करती हैं। प्रतिवर्ष छह लाख रूपए तक का जेब खर्च खिलाड़ियों को दिया जाता है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramlink din , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here