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औपचारिकता न बने पर्यावरण दिवस

प्रकृति हो या मानव जीवन, समाज हो अथवा देश, सभी की उचित स्थिति सुख-समृद्धि तभी तक रह सकती है, जब तक उनमें पर्याप्त संतुलन बना रहे। लेकिन कुछ सालों से पर्यावरण पूरी तरह से असंतुलित हो गया है। पर्यावरण दिवस मनाने के मायने क्या हैं? इसको समझना अब इसलिए भी जरूरी हो गया है कि […]
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