Symptoms of lung nodules: फेफड़ों में ऐसी गांठ छीन लेती है जिंदगी के ठाठ! जानें किस खतरनाक बीमारी का देती है सिग्नल
फेफड़ों में बनने वाली ये गांठ हो सकती है जानलेवा, कैंसर का भी हो सकता है संकेत
Symptoms of lung nodules: आज के समय में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। हालांकि फेफड़ों में दिखाई देने वाली हर गांठ (नोड्यूल) कैंसर नहीं होती, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और सही इलाज से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
क्या फेफड़ों में एक से ज्यादा नोड्यूल हो सकते हैं? Symptoms of lung nodules
जी हां, फेफड़ों में एक से अधिक नोड्यूल हो सकते हैं। ये नोड्यूल कैंसरयुक्त (Cancerous) और गैर-कैंसरयुक्त (Non-Cancerous) दोनों प्रकार के हो सकते हैं। आमतौर पर इनका पता सीटी स्कैन (CT Scan) के जरिए लगाया जाता है। यदि डॉक्टर को किसी गांठ पर संदेह होता है तो बायोप्सी की सलाह भी दी जा सकती है।
फेफड़ों का कैंसर कई बार फेफड़ों और छाती के लिम्फ नोड्स तक फैल सकता है। ऐसे मामलों में शुरुआती जांच के आधार पर उपचार और सर्जरी की योजना बनाई जाती है।
फेफड़ों में गांठें कैसे पता चलती हैं?
फेफड़ों में बनने वाली गांठों की पहचान एक्स-रे, सीटी स्कैन और अन्य इमेजिंग जांचों के माध्यम से की जाती है। यदि किसी व्यक्ति में फेफड़ों के कैंसर से जुड़े लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर स्क्रीनिंग और स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं।
फेफड़ों में गांठ बनने के कारण
फेफड़ों में नोड्यूल बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- फेफड़ों के ऊतकों (टिश्यू) को नुकसान पहुंचना
- वायु प्रदूषण और धुएं के कारण होने वाली जलन
- रुमेटॉइड गठिया और सारकॉइडोसिस जैसी सूजन संबंधी बीमारियां
- टीबी (Tuberculosis) और हिस्टोप्लाजमोसिस जैसे संक्रमण
- तंबाकू के धुएं के संपर्क में रहना
- रेडॉन गैस के संपर्क में आना
- फेफड़ों का कैंसर
फेफड़ों में नोड्यूल के प्रमुख लक्षण
हालांकि कई बार नोड्यूल बिना किसी लक्षण के भी पाए जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये संकेत दिखाई दे सकते हैं:
- लगातार थकान रहना
- भूख कम लगना
- रात में अधिक पसीना आना
- बार-बार बुखार आना
- अचानक वजन घटना
- लगातार खांसी आना
- बलगम या थूक के साथ खांसी
कब करानी चाहिए जांच?
यदि आपको लंबे समय से खांसी, सांस लेने में परेशानी, वजन घटना या ऊपर बताए गए अन्य लक्षण महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेकर एक्स-रे या सीटी स्कैन जरूर करवाना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी का सही कारण पता लगाया जा सकता है और इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है।
सावधानी है सबसे जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान से दूरी बनाना, प्रदूषण से बचाव करना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। किसी भी तरह के लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।