Haryana Highway News: हरियाणा के सरसा से राजस्थान के बीच से निकलेगा ये नया हाईवे, किसानों की जमीन के रेट होंगे महंगे, इन गांवों और कस्बों की हो गई मौज
सिरसा-चूरू नया हाईवे: 34 किमी सड़क निर्माण की तैयारी, इन शहरों को मिलेगा बड़ा फायदा
Haryana Highway News: सरसा। देश में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari के नेतृत्व में बीते वर्षों में देशभर में सड़कों का तेजी से विस्तार हुआ है। इसी कड़ी में अब सिरसा से चूरू तक नए हाईवे के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे हरियाणा और राजस्थान के कई शहरों को बड़ी राहत मिलेगी।
सिरसा से 34 किलोमीटर हिस्से का होगा निर्माण | Haryana Highway News
मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सिरसा-नोहर-तारानगर-चूरू हाईवे के लिए सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। शुरुआती चरण में सिरसा क्षेत्र में करीब 34 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना है। शेष लंबाई का निर्धारण विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। निजी एजेंसी द्वारा तैयार रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंप दी गई है। इसके बाद यह रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेजी जाएगी, जहां से आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होगी।
इन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित हाईवे बनने से निम्न क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा:
- Sirsa
- Nohar
- Taranagar
- Churu
- फेफाना
- साहवा
- चलकोई
इसके अलावा चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और पंजाब क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहनों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
बस सेवाओं और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
हाईवे बनने के बाद क्षेत्र में बस सेवाओं के विस्तार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही माल परिवहन, कृषि उत्पादों की ढुलाई और स्थानीय व्यापार को भी फायदा मिलेगा। लोगों का यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार आने की उम्मीद है।
भविष्य में 2 लेन और 4 लेन विस्तार की योजना
जानकारी के अनुसार शुरुआती चरण में सड़क का निर्माण निर्धारित चौड़ाई के साथ किया जाएगा। भविष्य में यातायात बढ़ने पर इसे 2 लेन और बाद में 4 लेन में विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।
दिल्ली-जयपुर मार्ग तक पहुंच होगी आसान
इस हाईवे के बनने से नोहर और आसपास के क्षेत्रों से चूरू होते हुए जयपुर और दिल्ली तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यात्रा का समय भी कम होगा।