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मिजोरम में 4.75 करोड़ की हेरोइन बरामद, ड्रग्स तस्करी में शामिल तीन महिलाएं गिरफ्तार
मिजोरम में 4.75 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त, तस्करी में तीन महिलाएं गिरफ्तार
आइजोल (एजेंसी)। Aizawl News: म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी के काम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। सुरक्षा बलों ने मिजोरम में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया और उनके पास से 4.75 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद की।
रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि उत्तरी मिजोरम के सैतुअल जिले के केइफांग इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में पक्की खुफिया जानकारी मिलने पर असम राइफल्स के जवानों ने मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर केइफांग में एक संयुक्त चेकपोस्ट बनाया।
इस ऑपरेशन के दौरान, संयुक्त टीम ने तीन महिलाओं को पकड़ा और 634 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी कीमत अवैध बाजार में 4.755 करोड़ रुपए आंकी गई है।
बरामद नशीले पदार्थों और गिरफ्तार की गई तीनों महिलाओं को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए सैतुअल जिले में मिजोरम पुलिस को सौंप दिया गया।
सैतुअल जिले की सीमा मणिपुर के साथ अंतर-राज्यीय सीमा और म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगती है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह जब्ती ड्रग्स की तस्करी से निपटने और मिजोरम के लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए असम राइफल्स की मजबूत प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती है।
अधिकारियों ने कहा कि मिजोरम में महिलाएं धीरे-धीरे म्यांमार से नशीले पदार्थों की तस्करी और उन्हें देश के अन्य राज्यों में पहुंचाने के काम में शामिल हो रही हैं।
इससे पहले इस महीने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बड़े अभियान में मिजोरम पुलिस ने सीमावर्ती चम्फाई जिले में एक ही दिन में चलाए गए छह अलग-अलग ऑपरेशनों में आठ महिलाओं को गिरफ्तार किया और 70 लाख रुपए से ज्यादा कीमत की हेरोइन जब्त की।
ड्रग्स तस्करी में शामिल ये आठ महिलाएं 19 से 53 साल की थीं और मिजोरम के अलग-अलग जिलों की रहने वाली थीं।
मिजोरम पुलिस ने कहा था कि ये सभी जब्तियां नियमित चेकिंग ऑपरेशन के दौरान की गईं, जो भारत-म्यांमार सीमा मार्ग पर ड्रग्स तस्करी को रोकने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा थे। ड्रग्स तस्करी की गतिविधियों में शामिल होने के कारण अतीत में भी कई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
म्यांमार का चिन राज्य लंबे समय से नशीले पदार्थों, दुर्लभ वन्यजीवों, विस्फोटकों और अन्य प्रतिबंधित सामानों की भारत में तस्करी के लिए एक मुख्य रास्ता माना जाता रहा है। ये सामान मिजोरम के छह सीमावर्ती जिलों चम्फाई, सियाहा, लॉंग्टलाई, ह्नाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप के जरिए भारत लाए जाते हैं। इन छह जिलों की म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो पहाड़ी है और इस पर कोई बाड़ नहीं लगी है। इस वजह से यह इलाका सीमा-पार तस्करी और अवैध सामान की आवाजाही के लिहाज से काफी संवेदनशील है।
सुरक्षा एजेंसियां कई बार इस बात पर चिंता जता चुकी हैं कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह इस खुली सीमा का इस्तेमाल करते हैं। इस इलाके में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सामने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
