Pay Protection Dispute: शिक्षकों के पे-प्रोटेक्शन खत्म करने की तैयारी से शिक्षा जगत में भूचाल

पे-प्रोटेक्शन छीनने पर भड़के शिक्षक नेता, कहा अगर आदेश वापस नहीं हुआ तो उतरेंगे सड़कों पर

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Pay Protection Dispute: श्रीगंगानगर। राजस्थान में शिक्षकों के लिए उच्च पद पर चयनित होना अब सम्मान नहीं, बल्कि आर्थिक नुकसान का सौदा बनने लगा है। यह हालात वित्त विभाग द्वारा 2 जून को जारी किए गए आदेश के कारण बनने के आसार बने है, जिससे हजारों शिक्षकों के सपनों पर सवालिया निशान लगा दिया है। तृतीय श्रेणी शिक्षक यदि अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के दम पर द्वितीय श्रेणी शिक्षक,स्कूल व्याख्याता या अन्य उच्च पदों पर चयनित होते हैं तो उन्हें मिलने वाला पे-प्रोटेक्शन (वेतन सुरक्षा) खत्म करने की तैयारी ने शिक्षा जगत में भूचाल ला दिया है। Sri Ganganagar News

मेहनत का इनाम नहीं,दिया जा रहा आर्थिक दंड 

शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान ने इस आदेश को शिक्षकों की प्रतिभा और परिश्रम पर सीधा हमला बताया है। शिक्षक वर्षों तक नौकरी के साथ पढ़ाई करता है, ओर विभाग से अनुमति लेता है। परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है और अंततःउच्च पद हासिल करता है,उसे सरकार प्रोत्साहित करने के बजाय आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह संदेश दे रही है कि आगे बढ़ने की कोशिश मत करो, वरना वेतन कट जाएगा। Sri Ganganagar News

सरकार बताए, उत्कृष्टता अपराध है क्या ? 

भारतीय संविधान नागरिकों को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन वर्तमान आदेश इसके ठीक उलट दिखाई देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद कर्मचारियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने और योग्यता बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है, तो चयन होने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान क्यों दिया जा रहा है?

सेवा शर्ते और लाभ अन्य कर्मचारियों के समान

शिक्षक नेता मोहर सिंह सलावद ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षक भले ही पंचायत समिति अथवा जिला परिषद के माध्यम से नियुक्त हुए हों, लेकिन उनकी संपूर्ण सेवा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित होती है। उनके वेतन से नियमित रूप से सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) तथा राज्य बीमा (एसआई) की कटौती की जाती है। इसके साथ ही चयनित वेतनमान,एसीपी,एमएसीपी, पदोन्नति संबंधी लाभ तथा सेवानिवृत्ति पर पेंशन सहित सभी वित्तीय एवं सेवा लाभ राज्य सरकार के अन्य शिक्षाकर्मियों और कर्मचारियों की भांति प्रदान किए जाते हैं। शिक्षकों का तर्क है कि जब सेवा संबंधी सभी नियम और लाभ समान रूप से लागू होते हैं तो सीधी भर्ती के माध्यम से उच्च पद पर चयनित होने पर वेतन सुरक्षा के मामले में अलग व्याख्या किए जाने से भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लेकिन जब की बात वेतन सुरक्षा की बात आती है तो पंचायतराज कर्मचारी बताकर लाभ से बाहर कर दिया जाता। Sri Ganganagar News

अब डर पदोन्नति का नहीं, रिकवरी का 

गौरतलब है कि आदेश के बाद सबसे ज्यादा चिंता उन शिक्षकों में है,जो हाल ही में उच्च पदों पर चयनित हुए हैं। कई शिक्षकों को आशंका है कि भविष्य में वेतन कटौती के साथ रिकवरी की कार्रवाई भी हो सकती है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार की अस्पष्ट नीति ने हजारों परिवारों को असमंजस में डाल दिया है।

इनका कहना है 

तृतीय श्रेणी शिक्षक शिक्षा विभाग की सेवा संरचना का अभिन्न अंग है और उन्हें विभाग के अन्य कर्मचारियों की तरह सभी सेवा एवं वित्तीय लाभ प्राप्त होते हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग से अनुमति लेकर सीधी भर्ती के माध्यम से उच्च पदों पर चयनित शिक्षकों की वेतन सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की अस्पष्टता नहीं रहनी चाहिए। इसलिए शिक्षक संघ रेसटा की राज्य सरकार, वित्त विभाग तथा शिक्षा निदेशालय से मांग है कि इस विषय में स्पष्ट एवं एकरूप दिशा-निर्देश जारी किए जाएं एवं शिक्षकों को राहत प्रदान करें। Sri Ganganagar News

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