Organ Donation: दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद भी महिला के परिजनों ने लिया बड़ा फैसला, फैसले की डिप्टी सीएम ने की खूब तारीफ

मरणोपरांत कई मरीजों को जीवनदान दे गई 24 वर्षीय युवती, अंगदान के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

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Organ Donation: गांधीनगर। गांधीनगर के सिविल अस्पताल में गुरुवार को 24 वर्षीय काजल राठौड़ को ब्रेन डेथ घोषित कर दिया गया था। परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का फैसला किया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की मदद से ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण करवाया और उसके अंगों को प्रत्यारोपण के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल भेजा गया। दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद भी महिला के परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का फैसला किया, ताकि किसी और मरीज को जीवनदान मिल सके। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि महिला के परिवार ने उसकी मृत्यु के बाद अंगदान का फैसला लिया, जिसके बाद यह सफल प्रक्रिया पूरी की गई। Gujarat News

अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, काजल की किडनी, अग्नाश्य और लीवर दान करने के लायक हैं। उसके इन अंगों से किसी दूसरे मरीज को जीवनदान मिल सकता है। अंग प्रत्यारोपण के लिए समय बहुत ही कम बचा हुआ था जिसे देखते हुए जीएमईआरएस अस्पताल के अधिकारियों ने गांधीनगर जिला पुलिस को संपर्क किया और ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिए अनुमति मांगी, ताकि अंगों को यथाशीघ्र प्रत्यारोपण के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचाया जाए। इसके बाद एंबुलेंस से अंगों को भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर गांधीनगर और अहमदाबाद के पुलिस थानों को अलर्ट कर दिया गया।

दोनों शहरों के पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि एंबुलेंस निर्बाध रूप से अस्पताल पहुंचे। उसे वहां पहुंचने में विलंब नहीं हो। पुलिस अधिकारियों की ओर से किए गए इंतजाम के बाद एंबुलेंस अपने निर्धारित समय पर अहमदाबाद स्थित सिविल अस्पताल पहुंच गई।

वहीं, डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने काजल की मौत पर दुख जताया और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर की। उन्होंने कहा कि अत्यंत पीड़ा झेलने के बावजूद परिवार ने साहस दिखाते हुए काजल के अंगों को दान करने का फैसला किया। इसके अलावा, संघवी ने मेडिकल स्टाफ का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने सफलतापूर्वक अंगदान को आसान बनाया। साथ ही, उन्होंने गांधीनगर और अहमदाबाद के पुलिस अधिकारियों की भी सराहना की, जिन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अस्पताल और पुलिस टीम को आदेश दिया था कि अंगों को सुरक्षित और समय से ग्रीड कॉरिडोर की मदद से पहुंचाया जाए। Gujarat News

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