शिक्षा और रोजगार
राजकीय महाविद्यालय बी. बी. नगर के रसायन विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर योगेन्द्र सिंह का वियतनाम में हुआ सम्मान
बुलंदशहर के प्रो. डॉ. योगेन्द्र सिंह का वैश्विक मंच पर सम्मान
बुलन्दशहर (सच कहूँ/कपिल देव इन्सां)। Bulandshahr News: वियतनाम की राजधानी हनोई स्थित बाओ सोन इण्टरनेशनल होटल में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय बहुविषयक सम्मेलन “जलवायु परिवर्तन, संसाधन, जैव विविधता एवं पर्यावरणीय चुनौतियाँ: सतत विकास हेतु मुद्दे एवं रणनीतियाँ (सीसीआरबीईसी-2026)” के दौरान प्रोफेसर डॉ० योगेन्द्र सिंह, राजकीय महाविद्यालय बी०बी० नगर, बुलन्दशहर को शिक्षा, अनुसंधान, सामाजिक सेवा एवं व्यावसायिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर्यावरण रत्न पुरस्कार से दिनांक 16/06/2026 को सम्मानित किया गया।
यह सम्मान सम्मेलन के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ० थावाच्चाई कमोलथम, निदेशक, कैनाबिस स्वास्थ्य विज्ञान एवं औषधीय जड़ी-बूटी कार्यक्रम, सुआन सुनन्धा राजभाट विश्वविद्यालय, बैंकॉक (थाईलैंड) तथा विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर चैवत, कॉलेज ऑफ पॉलिटिकल साइंसेज, सुआन सुनन्धा राजभाट विश्वविद्यालय, बैंकॉक (थाईलैंड) द्वारा विभिन्न देशों से आए शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों एवं विषय-विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन डॉ० भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय, मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में कॉलेज ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, सुआन सुनन्धा राजभाट विश्वविद्यालय, बैंकॉक (थाईलैंड), एरोसोल, वायु गुणवत्ता एवं जलवायु अनुसंधान सोसाइटी (एएसीसीआरएस), श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखण्ड) तथा भारतीय स्पेक्ट्रोस्कोपी सोसाइटी, दिल्ली के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।
प्रो०डॉ०योगेन्द्र सिंह ने सम्मेलन में आयोजन समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ अपना शोध-पत्र भी प्रस्तुत किया। उनके शोध कार्य, शैक्षणिक उपलब्धियों तथा बहुआयामी योगदान की सम्मेलन में उपस्थित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सराहना की गई।
सम्मेलन के संयोजक प्रोफेसर डॉ०सुरेन्द्र प्रताप सिंह, स्थानीय आयोजन सचिव डॉ० श्रीनिवास रेड्डी अलावाला तथा सम्मेलन समन्वयक डॉ०आलोक सागर गौतम के नेतृत्व में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा सतत विकास से जुड़े विविध विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन में भारत सहित अनेक देशों के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों ने सहभागिता कर वैश्विक चुनौतियों के समाधान, सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति तथा विज्ञान एवं समाज के मध्य समन्वय को सुदृढ़ बनाने के लिए अपने विचार एवं शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए। यह सम्मान न केवल प्रोफेसर डॉ०योगेन्द्र सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उनके संस्थान, क्षेत्र एवं देश के लिए भी गौरव का विषय है।
