शिक्षा और रोजगार
खरखौदा सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, आढ़तियों ने की सुधार की मांग
बारिश से पहले मंडी के हालात बदतर, कूड़ा और जलभराव से व्यापारी परेशान
खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Kharkhoda News: स्थानीय नई सब्जी मंडी में कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मंडी में जगह-जगह कूड़ा जमा होने तथा उसके उचित निस्तारण न होने से आढ़तियों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद मंडी में फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से संबंधित वीडियो मार्केटिंग कमेटी के एसडीओ सुरेश खोखर को व्हाट्सएप पर भेजे गए। शिकायत मिलने के बाद एसडीओ ने सफाई ठेकेदार को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। सफाई ठेकेदार ने अधिकारियों को बताया कि उसके कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से सफाई की जा रही है, लेकिन कुछ रेहड़ी संचालक रात के समय कूड़ा एकत्रित कर उसमें आग लगा देते हैं, जिससे समस्या उत्पन्न होती है। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अधिकारियों की ओर से केवल औपचारिक कार्रवाई की गई और समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
बताया जाता है कि लगातार शिकायतें मिलने के बाद मार्केटिंग कमेटी ने सफाई ठेकेदार पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला। आरोप है कि सफाई कर्मचारी मुख्य स्थानों से कूड़ा उठाकर मंडी के विभिन्न कोनों में डाल देते हैं, जिससे गंदगी की समस्या बनी रहती है। इस संबंध में जब स्थानीय आढ़तियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मंडी में सफाई कार्य संतोषजनक नहीं है। आढ़तियों ने मांग की कि नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा मंडी परिसर में पौधारोपण कर इसे स्वच्छ और सुंदर बनाया जाए। वहीं, इस विषय पर मार्केटिंग कमेटी खरखौदा के अध्यक्ष आनंद दहिया ने स्वीकार किया कि सफाई व्यवस्था में कुछ कमियां हैं।
उन्होंने कहा कि मंडी की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सब्जी मंडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी और ग्राहक आते हैं। ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त होना बेहद आवश्यक है । ताकि लोगों को गंदगी और दुर्गंध जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
हल्की बूंदाबांदी होते ही सब्जी कम गंदगी ज्यादा फैल जाती है
सब्जी मंडी के हालात इस कदर है कि यदि हल्की सी बूंदाबांदी भी हो जाती है तो सब्जी मंडी में सब्जी कम गंदगी ज्यादा फैल जाती है यहां पर दुकानदारों को दुकान लगाने की साफ जगह नहीं मिलती ग्राहकों को अंदर घुस मंडी में आने का रास्ता नहीं मिलता हालात बाद से बढ़कर हो जाते हैं यदि थोड़ी ज्यादा बारिश हो जाती है तो मंडी के अंदर घुटनों पानी भर जाता है परंतु निकासी के साधन प्रशासन द्वारा लाखों के बावजूद भी परिणाम शून्य है। स्थानीय विधायक द्वारा भी मंडी आढतीयो व आम नागरिकों को मंडी की व्यवस्था दुरुस्त करने का वादा किया गया था। परंतु अभी तक उस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
बारिश का मौसम नजदीक , परंतु प्रशासन का मंडी की व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नही। मानसून की बारिश कभी भी हो सकती है इससे पहले भी एक दो बार हल्की बारिश हो चुकी है पूछी बारिश में ही मंडे की सफाई व्यवस्था पूरी तरीके से गंदगी के रूप धारण कर लेती है पैदल चलने वाले ग्राहकों को मंडी में घुसने का भी रास्ता नहीं मिलता आप फिर बारिश का मौसम नजदीक है परंतु मंडी प्रशासन का मंडी की व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं है फिर वहीं प्रशासन द्वारा नागरिकों को आश्वासन दिया जाएगा की व्यवस्था जल्द सुधार दी जाएगी परंतु दावे और वादे आखिर में जिनके परिणाम शून्य ही निकलता है।
12 साल पहले पूर्व सीएम हुड्डा ने भी मंडी की व्यवस्था सुधारने के दिए थे आदेश
गौरतलब है कि 12 साल पहले भी उस समय कांग्रेस की सरकार थी, और मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा थे । मंडी में उनकी विकास रैली आयोजित की गई थी। उस दौरान भी इंद्रदेव प्रसन्न हो गए और मंडी में घुटनों पानी जमा हो गया था। उसे पानी के दौरान ही भूपेंद्र हुड्डा रैली को संबोधित करने के लिए मंडी में पहुंचे थे। उन्होंने मंडी की व्यवस्था देखकर तुरंत समाधान के निर्देश दिए थे। परंतु आज तक उस मंडी की व्यवस्था जैसे 12 साल पहले थी वैसी ही आज की है। मुख्यमंत्री के आदेश भी मंडी की व्यवस्था सुधार नहीं पाए।
