अमृतसर में 5 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप, कॉलोनाइजरों को हो सकती है 10 वर्ष तक की सजा व करोड़ों जुर्माना
अमृतसर विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, कॉलोनाइजरों पर होगी कानूनी कार्रवाई
Amritsar Bulldozer Action: अमृतसर (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में विकसित की जा रही पांच अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन (आईएएस) और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत (पीसीएस) के निर्देशों पर जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) विंग ने की।
जिला टाउन प्लानर अमलोक सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गांव बल्लकलां, पंडोरी वड़ैच स्थित मजीठा रोड तथा गांव बल्लखुर्द स्थित अमृतसर-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर विकसित की जा रही पांच अवैध कॉलोनियों के खिलाफ पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा) 1995 के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित कॉलोनाइजरों को पहले नोटिस जारी कर निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद मौके पर विकास कार्य लगातार जारी रखा गया। इसके चलते नौ जून 2026 को ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए और बाद में इन अवैध कॉलोनियों को तोड़ दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार कुछ मामलों में पुलिस बल की कमी और स्थानीय लोगों की भीड़ के कारण कार्रवाई में कठिनाइयां आईं, फिर भी उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार अभियान जारी रखा गया। गांव बल्लखुर्द में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ विभाग कई बार निर्माण कार्य रुकवा चुका था, लेकिन कॉलोनाइजरों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए काम जारी रखा गया। इसके बाद दोबारा कार्रवाई करते हुए कॉलोनी के निर्माण को ध्वस्त किया गया।
जिला टाउन प्लानर ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस संबंध में भूमि मालिकों और कॉलोनाइजरों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पत्र भेजा जा रहा है।
एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी को पुड्डा/एडीए से वैध मंजूरी प्राप्त है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी विज्ञापन के आधार पर प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी की स्वीकृति संबंधी दस्तावेज अवश्य जांचें और अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अनधिकृत कॉलोनियों की सूची भी देखें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिले में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।