तूफान ने मचाई भारी तबाही, तीन जगहों पर टूटे रजबाहे, हजारों एकड़ जमीन में भरा पानी
किसानों की धान की पनीरी व मक्का की फसल डूबी, हुआ भारी आर्थिक नुकसान
बठिंडा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। Bathinda News: बीती रात आए तेज तूफान से काफी नुकसान हुआ है। अनेक स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए और सड़कों और रजबाहों के किनारे लगे पेड़ टूट गए। नहरों में पेड़ गिरने के कारण पहले से कमजोर बठिंडा जिले में दो रजबाहे व फरीदकोट जिले में एक जगह पर रजबाहा टूट गया। अब जब धान की रोपाई का काम चरम पर है, तो किसानों की खेतों में तैयार पैदावार और मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ। रजबाहों के टूटने से किसानों में नहरी विभाग के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पंजाब भर में बीती रात बारिश के साथ तेज तूफान आया, जिससे पेड़ टूटकर नहरों में गिर गए। इससे तीन विभिन्न जगहों पर रजबाहे टूट गए। बठिंडा के गांव महिमा सरकारी से महिमा भगवाना संपर्क सड़क के पास दो रजबाहे टूट गए। करीब 25-25 फुट आई दरार से आसपास के खेतों में लगभग 500 एकड़ से अधिक जमीन में पानी भर गया। इस पानी से किसानों की धान की पनीरी डूब गई, जिससे रोपाई के काम में देरी और कठिनाई आई। हालांकि, ग्रामीणों ने रजबाहों के टूटने का पता चलते ही मौके पर जाकर रजबाहों को बांधने का काम शुरू कर दिया, लेकिन पानी की तेज धारा के कारण देरी हो गई और तब तक काफी नुकसान हो गया।
किसानों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर तत्काल मदद नहीं करते। रजबाहे टूटने से किसान हविन्द्र पाल, राजा सिंह, पाला सिंह, शेरा सिंह, लीलू सिंह, हरपाल सिंह, रेशम सिंह, गुरजीत सिंह, निंदर शर्मा, मेशी शर्मा और अन्य किसानों की लगभग 500 एकड़ जमीन पानी में डूब गई। किसानों की धान की पनीरी ही नहीं डूबी, बल्कि अब खेतों में पहुंची गार को निकालने में भी काफी समय लगेगा। जब तक खेतों से गार निकलेगी, तब तक धान की रोपाई का समय भी निकल जाएगा और पैदावार नहीं मिलेगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
वहीं जिला फरीदकोट में गांव रामेआणा में कोटली रोड पर स्थित जैतो रजबाहे में लगभग 100 फुट दरार आ गई। इससे गांव रामेआणा, कोटली और कोठे बरड़े वाले की लगभग 700 एकड़ से अधिक जमीन में पानी भर गया, जिससे किसानों की धान की पनीरी, मक्का और हरा चारा डूब गया। इसके अलावा नजदीकी नर्सरी में भी पानी भरने से काफी नुकसान हुआ। किसानों ने नुकसान का मुआवजा देने और रजबाहे की तुरंत मरम्मत करने की मांग की।