मानसून ने पश्चिम बंगाल एवं बिहार के कुछ अन्य हिस्सों में दस्तक दी

मानसून ने पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दी दस्तक

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नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Weather News: दक्षिण-पश्चिम मानसून शुक्रवार को पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों सहित ओडिशा और झारखंड के कुछ इलाकों में पूरी तरह दाखिल हो चुका है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के पास बने चक्रवाती दबाव के कारण 13 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 12 और 13 जून को पंजाब, हरियाणा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि के अनुमान हैं।

विभाग ने मानसून की उत्तरी सीमा की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह रेखा वर्तमान में हरनाई, सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना), कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश), पारादीप, बारीपदा (ओडिशा), पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), धनबाद (झारखंड) और मुजफ्फरपुर (बिहार) तक पहुंच चुकी है। आगामी दो-से-तीन दिनों के भीतर मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है जिससे मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और कर्नाटक और तेलंगाना के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के अनुमान हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में भी जल्द ही मानसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुयी हैं।

पिछले 24 घंटों में देश के कयी हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां केरल के कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी, वहीं दूसरी तरफ विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण लू का प्रकोप जारी रहा। पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के जैसलमेर में 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।

मौसम विभाग ने आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए आम जनता को खराब मौसम में घरों के अंदर रहने, बिजली के उपकरणों से दूर रहने और पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को जलभराव से बचने और मछुआरों को 17 जून तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। वहीं, जिन राज्यों में तेज लू चल रही है, वहां के लोगों को धूप से बचने और पानी, छाछ या लस्सी पीकर खुद को सुरक्षित रखने को कहा गया है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और फलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं या तिरपाल से ढक दें। जिन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है, वहां खेतों और धान की नर्सरी से पानी निकालने के लिए तुरंत नाली की व्यवस्था करें। इसके साथ ही, पशुपालकों को ओलों और तेज बारिश के दौरान अपने मवेशियों को खुले में बांधने के बजाय शेड के नीचे रखने और गर्म इलाकों में पशुओं के लिए साफ एवं ठंडे पानी का प्रबंध करने का सुझाव दिया गया है।

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