UP DGP Salary: यूपी के डीजीपी को कितनी मिलती है सैलरी? जानिए देश के सबसे बड़े पुलिस पद तक पहुंचने का पूरा सफर
यूपी के डीजीपी को कितनी मिलती है सैलरी? जानिए देश के सबसे बड़े पुलिस पद तक पहुंचने का पूरा सफर
UP DGP Salary: डीजीपी (Director General of Police) राज्य पुलिस विभाग का सर्वोच्च अधिकारी होता है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार डीजीपी का पद एपेक्स स्केल में आता है, जो सरकारी सेवाओं के सबसे उच्च वेतनमानों में शामिल है। वर्तमान में डीजीपी का मूल वेतन लगभग 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह होता है। इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता (TA), चिकित्सा सुविधाएं और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलते हैं। महंगाई भत्ता जुड़ने के बाद वेतन में एक लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि शामिल हो सकती है। विभिन्न भत्तों और सुविधाओं को मिलाकर डीजीपी की कुल मासिक आय लगभग 3 लाख से 4 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
डीजीपी को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं? UP DGP Salary
डीजीपी को वेतन के अलावा कई विशेष सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं, जिनमें शामिल हैं—
- सरकारी आवास या मकान किराया भत्ता (HRA)
- आधिकारिक वाहन और चालक
- सुरक्षा कर्मियों की सुविधा
- चिकित्सा सुविधाएं
- सरकारी यात्रा भत्ता
- टेलीफोन और संचार सुविधाएं
- अन्य प्रशासनिक और कार्यालय संबंधी सुविधाएं
पुलिस विभाग का सबसे बड़ा पद होता है डीजीपी
डीजीपी किसी भी राज्य की पुलिस व्यवस्था का प्रमुख होता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध नियंत्रण, पुलिस बल का संचालन और राज्य सरकार को सुरक्षा संबंधी सलाह देना उसकी मुख्य जिम्मेदारियों में शामिल है। यही वजह है कि यह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदार पदों में गिना जाता है।
डीजीपी कैसे बनते हैं?
डीजीपी बनने का सफर लंबा और चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए सबसे पहले उम्मीदवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित होना पड़ता है।
इसके बाद अधिकारी को विभिन्न पदों पर सेवाएं देनी होती हैं। सामान्य तौर पर प्रमोशन का क्रम इस प्रकार होता है—
- सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) / उप पुलिस अधीक्षक (DSP)
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP)
- पुलिस अधीक्षक (SP)
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)
- उप महानिरीक्षक (DIG)
- महानिरीक्षक (IG)
- अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG)
- पुलिस महानिदेशक (DGP)
डीजीपी का पद वरिष्ठता, उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड और दशकों के अनुभव के आधार पर मिलता है। आमतौर पर किसी आईपीएस अधिकारी को इस पद तक पहुंचने में 30 से 35 वर्ष या उससे अधिक का समय लग सकता है।