सतगुरु की रहमत से बदलती है सोच
पूज्य गुरू संत डॉ.गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब अंत:करण से सतगुरू की खुशियां आती हैं तो अपने आप ही कदम थिरकने लगते हैं। चेहरों पर नूर आ जाता है, अंदर सरूर आ जाता है।
England: बर्मिंघम को शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों ने दिया स्वच्छता व पर्यावरण शुद्धता का उपहार
सेवादारों ने 75 पौधे रोपि...
पावन अवतार माह के उपलक्ष्य में साध-संगत ने जरुरतमंद परिवारों को बांटा राशन
श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यू...