हरियाणा में शिक्षा संकट: 30 हजार से ज्यादा छात्र बिना एडमिशन के, भटक रहे दर-दर
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में दाखिले की समस्या
चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Haryana Government School: चंडीगढ़ से सामने आई एक चिंताजनक खबर ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 30,919 विद्यार्थी ऐसे हैं जिनका पुराने स्कूलों से नाम तो कट चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें नए स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पाया है।
इन छात्रों का भविष्य फिलहाल अनिश्चितता के बीच झूल रहा है।
क्यों नहीं मिल रहा छात्रों को दाखिला?
इस समस्या के पीछे कई अहम कारण सामने आए हैं:
स्कूलों में सीमित सीटें
संस्कृति मॉडल स्कूलों में क्षमता पूरी होना
विषय संयोजन (Subject Combination) उपलब्ध न होना
कम शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर इनकार
इन वजहों से हजारों छात्रों को एडमिशन से वंचित रहना पड़ रहा है।
📊 जिलावार हालात: कहां कितने छात्र प्रभावित?
हरियाणा के लगभग सभी जिलों में यह समस्या देखने को मिल रही है:
अंबाला – 1055
भिवानी – 1,352
चरखी दादरी – 859
फरीदाबाद – 1,861
फतेहाबाद – 1,353
गुरुग्राम – 3,162
हिसार – 2,222
झज्जर – 1,491
जींद – 1,307
कैथल – 1,435
करनाल – 3,045
कुरुक्षेत्र – 372
महेंद्रगढ़ – 733
नूंह (मेवात) – 847
पलवल – 561
पंचकूला – 1,251
पानीपत – 1,264
रेवाड़ी – 1,469
रोहतक – 799
सिरसा – 1,463
सोनीपत – 1,682
यमुनानगर – 1,315
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि समस्या राज्यभर में गंभीर रूप ले चुकी है।
छात्रों का भविष्य अधर में
पुराने स्कूलों से नाम कटने के बाद नए स्कूलों में एडमिशन न मिल पाने के कारण:
छात्रों की पढ़ाई बीच में रुक गई है
अभिभावक परेशान हैं
कई बच्चे स्कूल से दूर हो सकते हैं
अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्या कर रही है सरकार?
फिलहाल विभाग की ओर से: छात्रों के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। अतिरिक्त सीटों की संभावना पर विचार हो रहा है। जरूरत पड़ने पर नए सेक्शन खोलने की योजना बन सकती है।