Punjab
संगरूर के डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों का सराहनीय कार्य, पश्चिम बंगाल के परिवार ने पूज्य गुरु जी का तहेदिल जताया आभार
1600 किलोमीटर का सफर तय कर भाई को मिली बहन
Insaniyat Campaign: संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्यों में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मंगलवार को संगरूर के डेरा श्रद्धालुओं ने 22 साल पहले पश्चिम बंगाल से लापता हुई मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को अपने अथक प्रयासों से उसके परिवार से मिलवाकर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। आज उस महिला के परिवार के सदस्य 22 साल बाद अपनी बिछड़ी हुई सदस्य से मिलकर भावुक हो गए और पूज्य गुरु जी व डेरा श्रद्धालुओं का तहेदिल से धन्यवाद भी किया। Sangrur News
उल्लेखनीय है कि परिवार के सदस्य उक्त महिला को मृत समझ बैठे थे। जानकारी के अनुसार 22 साल पहले लापता हुई महिला कल्पना बर्मन पश्चिम बंगाल की निवासी है। वह डॉक्टर हरी राम पिंगला आश्रम, समाना में भर्ती थी, जहाँ ब्लॉक संगरूर की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल टीम के जिम्मेवार जगराज इन्सां (रिटायर्ड इंस्पेक्टर) उसकी काउंसलिंग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे प्रयास करने पर टीम को उसके गाँव खाकरी बड़ी, पश्चिम बंगाल का पता चला। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से परिजनों का पता लगाया और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया।
इस दौरान पुलिस को मानसिक तौर पर विक्षिप्त महिला की विडियो और फोटो भेजी गईं और लगातार पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ संपर्क बनाए रखा और महिला के परिवार तक पहुंच बनाई गई। परिवार को विश्वास दिलाने के लिए महिला के साथ विडियो कॉल करवाई गई, जिसमें परिवार ने अपनी लापता लड़की कल्पना बर्मन को पहचाना। इस दौरान लापता महिला का बड़ा भाई गौतम बर्मन अपने साथियों के साथ आया। दो दशकों बाद भाई अपनी बहन को देखकर भावुक और स्तब्ध हो गया। उन्होंने बताया कि वे अपनी बहन को मृत समझ बैठे थे। उन्होंने बताया कि मेरी बहन कल्पना बर्मन मानसिक परेशानी में थी और वर्ष 2003 से लापता थी।
उन्होंने कहा कि हमने थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी और उसकी काफी तलाश की थी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। उक्त महिला के भाई ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों का तहेदिल से धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके परिवार के लिए बड़ा उपकार किया। इसके बाद वह अपनी बहन को लेकर घर वापिस चले गए। इस मौके प्रेमी दिक्षांत इन्सां, सतपाल इन्सां, हरविन्द्र बबी इन्सां के अलावा पिंगला आश्रम, समाना की मैनेजमेंट कमेटी के प्रबंधक और सदस्य भी मौजूद थे। Sangrur News
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