जोबनेर में सतत विकास पर जोर, ‘प्राकृतिक खेती’ पर हुआ राष्ट्रीय कृषि संवाद

राष्ट्रीय कृषि संवाद के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन

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जोबनेर। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय की अधीनस्थ इकाई श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर के सरस्वती भवन में “सतत विकास के संदर्भ में प्राकृतिक खेती” विषय पर राष्ट्रीय कृषि संवाद के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों ने विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कर हॉर्टिकल्चर, पशुपालन, इंजीनियरिंग, फार्म पोंड, मृदा विज्ञान एवं कीट विज्ञान से संबंधित नवाचारों एवं उत्पादों का अवलोकन किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सतत कृषि विकास को बढ़ावा देना तथा प्राकृतिक एवं किफायती खेती के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री दिनेश कुलकर्णी एवं प्रांत संगठन मंत्री श्री नीरज कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने किसानों की लागत घटाने पर जोर देते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छात्रों को सरकारी नौकरी के बजाय नवाचार एवं स्टार्टअप के माध्यम से कृषि में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

साथ ही जल की उपलब्धता के अनुसार आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एआई आधारित प्रबंधन के उपयोग पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि श्री दिनेश कुलकर्णी ने देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने हरित क्रांति, पीली क्रांति एवं समेकित (इंटीग्रेटेड) कृषि दृष्टिकोण पर जोर देते हुए आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता बताई तथा प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को अपनाने की अपील की।

निदेशक (प्राथमिकता, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन) एवं कार्यक्रम आयोजक सचिव डॉ. एन.के. गुप्ता ने बताया कि इस संवाद का उद्देश्य सतत कृषि विकास को बढ़ावा देना तथा किसानों तक उपयोगी तकनीकों एवं नवाचारों को पहुंचाना है। उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय द्वारा अब तक 184 उन्नत किस्में एवं लगभग 250 कृषि तकनीकों का विकास किया जा चुका है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिना सहीवाला द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. डी.के. गोठवाल, अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में राजूवास, बीकानेर के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रकाश शर्मा सहित वैज्ञानिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं किसानों की सक्रिय सहभागिता रही।  प्रसार शिक्षा विभाग के डॉ. बी.एस. बधाला एवं डॉ. संतोष देवी सामोता ने अतिथियों को महाविद्यालय की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण करवाया। कार्यक्रम में लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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