Body Donation: मनीमाजरा के प्रेमचंद इन्सां, जीते जी भी इन्सानियत के काम आए व मरणोपरांत भी!

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चिकित्सा शोध के लिए काम आएगी शरीरदानी प्रेमचंद की पार्थिव देह

Body Donation: चंडीगढ़ (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। जब हम आए जगत में जग हंसा हम रोए, ऐसी करनी कर चले हम हंसे जग रोए… कबीर दास जी का यह दोहा मनीमाजरा निवासी प्रेमचंद के लिए बिल्कुल स्टिक बैठता है। मनीमाजरा निवासी 89 वर्षीय प्रेमचंद इन्सां ने जीते जी जहां इन्सानियत के काम किए, वहीं मरने के उपरांत उनकी पार्थिव देह का मेडिकल शोध के लिए दान किया गया है। Chandigarh News

प्रेमचंद के पुत्र सुधीर कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके पिताजी ने डेरा सच्चा सौदा में शरीरदान का प्रण किया हुआ था। वे कई बार जीत जी उनसे कहते थे कि मरणोपरांत उसके शरीर का दान किया जाए ताकि मेडिकल के शोधार्थी उसके शरीर पर शोध कर सके व वे मानवता के काम आएं। उनके इच्छा को पूरा करते हुए उनके शरीर का दान उत्तरप्रदेश के एफएच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दान किया गया है। रविवार को जैसे ही प्रेमचंद के शरीर को एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था तो प्रेमचंद इन्सां अमर रहे के नारों से पूरा आसमान गुंजायमान हो गया।

परिजन, रिश्तेदार व अन्य लोगों ने प्रेमचंद को भावभिनी श्रद्धांजलि दी

इस मौके पर शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सदस्यों के अलावा, परिजन, रिश्तेदार व अन्य लोगों ने प्रेमचंद को भावभिनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सच्चे नम्र सेवादार अनिल इन्सां, लवली इन्सां, पंचकूला के प्रेमी सेवक अंग्रेज इन्सां, चमकौर इन्सां, राजेंद्र, रमन सिंगला, रविंद्र व अन्य सैंकड़ों लोग उपस्थित थे। प्रेमचंद के पुत्र सुधीर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि वे हरियाणा रोडवेज से चालक के पद से सेवानिवृत्त थे। Chandigarh News

उन्होने पूरे जीवन में ईमानदारी से डयूटी का निर्वहन किया। वे डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई जा रही विभिन्न मानवता भलाई की मुहिमों से जुड़कर सेवा करते थे। सेवानिवृत्ति के बाद से वे लगातार पौधारोपण समेत अनेक मुहिमों से जुड़कर सेवा कार्यों में जुटे रहते थे। वे अपने पीछे एक बेटा सुधीर शर्मा के अलावा बेटियों पिंकी इन्सां, निधि इन्सां, ममता इन्सां व सारिका इन्सां, पुत्रवधू सोनिया इन्सां, पौत्री संजना व पौत्र प्रथम इन्सां को छोड़ गए हैं।

ऐसी महान शख्सियत को हर किसी ने किया नमन | Chandigarh News

डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार अनिल इन्सां ने जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही प्रेमचंद इन्सां को शरीरदान के लिए ले जाया जा रहा था तो रास्ते में हर कोई ऐसी महान शख्सियत को नमन कर रहा था। हर कोई यही बोल रहा था कि धन्य हैं पूज्य गुरु जी की शिक्षाएं और धन्य हैं वे परिवार जो ऐसे महान कार्यों में भाग ले रहे हैं।

पंचकूला के प्रेमी सेवक अंग्रेज सिंह ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा द्वारा अनेक ऐसे कार्य किए जा रहे हैं जो मानतवा के प्रतीक हैं। ऐसे ही आज मनीमाजरा निवासी प्रेमचंद इन्सां के शरीर का दान कर परिवार जनों ने महान सेवा कार्य किया है। उन्होेने बताया कि अब तक डेरा सच्चा सौदा की इस मुहिम के चलते 2600 से ज्यादा शरीरदान किए जा चुके हैं। इससे मेडिकल कॉलेजों को शोध के लिए शरीर उपलब्ध हो रहे हैं।

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