नाथूसरी चौपटा में नहर में गिरी कार, ग्रामीणों ने बचाई 6 लोगों की जिंदगी, क्षेत्र में चारों और हो रही बहादुरी की चर्चा

Published On

Nohar Feeder Canal Accident: चौपटा (भगत सिंह)। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में शुक्रवार सायंकाल एक बड़ा हादसा टल गया, जब गांव माखोसरानी के निकट से गुजर रही नोहर फीडर नहर में छह यात्रियों से भरी एक कार अचानक गिर गई। वाहन में तीन महिलाएं, दो छोटे बच्चे और एक पुरुष सवार थे। ग्रामीणों की त्वरित सूझबूझ और साहस के कारण सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। Sirsa News

प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के फतेहाबाद जिले के हिंजरावा निवासी एक परिवार राजस्थान के रामसरा गांव में आयोजित विवाह समारोह में सम्मिलित होने जा रहा था। सायं लगभग साढ़े सात बजे माखोसरानी के समीप वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार नहर में जा गिरी। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

इसी दौरान मोटरसाइकिल से वहां से गुजर रहे डॉ. राजेश कुमार सिद्धू ने दुर्घटना देखी और तत्काल सहायता के लिए लोगों को आवाज लगाई। उनकी पुकार पर रमेश कुमार भाकर, प्रमोद कासनिया और प्रदीप कासनियां भी मौके पर पहुंचे। चारों युवाओं ने बिना समय गंवाए नहर में उतरकर बचाव कार्य प्रारंभ किया। Sirsa News

कड़ी मशक्कत के बाद तीनों महिलाओं, दोनों बच्चों और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना तुरंत आपातकालीन सेवा 112 पर दी गई। एंबुलेंस की सहायता से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी चोपटा पहुंचाया गया। ग्रामीणों की मदद से कार को भी नहर से बाहर निकाल लिया गया।

वाहन में सवार व्यक्तियों में 58 वर्षीय मक्खन सिंह, 60 वर्षीय करतारो देवी, 62 वर्षीय जीतो बाई, 24 वर्षीय सुनीता, 4 वर्षीय अवेक कुमार तथा 2 वर्षीय आर्यन शामिल थे। सौभाग्यवश इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि बचाव कार्य में थोड़ी भी देर होती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।

माँ की ममता और साहस का दृश्य | Sirsa News

घटना के दौरान एक मार्मिक दृश्य भी सामने आया। जब कार पानी में डूब रही थी, तब एक महिला अपने बच्चे को दोनों हाथों से ऊपर उठाकर सहायता के लिए पुकारती रही। स्वयं पानी में डूबते हुए भी वह बच्चे को सुरक्षित रखने का प्रयास करती रही। युवाओं ने सबसे पहले बच्चे को बाहर निकाला। बाद में महिला के कहने पर कार में फंसे अन्य परिजनों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।

इस साहसिक कार्य के लिए ग्राम पंचायत, जिला प्रशासन, सरपंच संगठन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा गौशाला परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीईओ सुभाष चंद्र, बीडीपीओ डॉ. स्टालिन सिद्धार्थ श्रीवास्तव, सरपंच संतोष बैनीवाल, रीटा कासनिया, सुभाष कासनियां, गौशाला प्रधान दिलीप सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। डॉ. राजेश सिद्धू, रमेश कुमार भाकर, प्रमोद कासनिया और प्रदीप कासनियां को माल्यार्पण कर स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। सरपंच संगठन ने 51,000 रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा भी की।

अधिकारियों ने कहा कि इन युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना छह जिंदगियां बचाकर मानवता का परिचय दिया है। क्षेत्र में चारों युवाओं के साहस की व्यापक सराहना हो रही है और इसे सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरक मिसाल माना जा रहा है। Sirsa News

About The Author

Related Posts