प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का केन्द्र बना भिवानी का हलवासिया विद्या विहार

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22 से अधिक किस्म के फूल व विभिन्न प्रजातियों के 2200 पेड़-पौधें बढ़ा रहे शोभा

  • विद्यालय में जल्द ही आयोजित होगा फ्लावर फेस्टिवल: प्रशासक दीवानचंद रहेजा

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। फूल इतने खूबसूरत होते हैं कि लोग जब किसी की तारीफ करते हैं तो कहते हैं कि तुम तो फूलों की तरह खिल रहे हो। फूलों के रंग जीवन की जीवंतता का प्रतीक हैं। इसलिए मशहूर शायक वसी शाह ने कहा है कि फूल ही फूल खिल उठे मुझ में, कौन आया मिरे खयालों में। अगर आप रंग बिरंगे फूलों के शौकीन हैं और प्रकृति प्रेमी हैं तो अपने व्यस्त समय में से थोड़ा सा समय निकालकर भिवानी के हलवासिया विद्या विहार स्कूल में आइएं। यहां आपको एक-दो नहीं बल्कि 22 से अधिक किस्म के रंगे-बिरंगे मनमोहक फूल देखने को मिलेंगे।

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इन फूलों की बगियाओं को नाम दिया गया है हलवासिया अमृत उद्यान। जिसका श्रेय जाता है स्कूल के प्रशासक एवं शिक्षाविद् दीवान चंद रहेजा को। उन्होंने स्कूल स्टाफ के साथ मिलकर पूरे स्कूल को ही अमृत उद्यान की शक्ल दे डाली। यहां पर गेंदे से लेकर गुलाब, गुड़हल, जास्वंद, कमल, सूर्यमुखी, चमेली, कुमुदनी, कन्द पुष्प, सदाबहार, अपराजिता, अनेक रंगों के डेहलिया, बनफूल, असोनिया, गुले असर्फी समेत अनेक फूलों के पौधे वातावरण को सुगंधित कर रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के 2200 पेड़ पौधे हैं। साथ ही छात्रों को सब्जियों के पौधों के बारे में जानकारी देने के लिए स्कूल में विभिन्न सब्जियों के पौधे भी लगाए गए हैं।

हलवासिया विद्या विहार के प्रशासक दीवान चंद रहेजा ने बताया कि यहां स्कूल में सुबह के समय बच्चे व स्टाफ के सदस्य फूलों की महक से खुश हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही स्कूल में एक फ्लावर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिला भर से पर्यावरण प्रेमियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस फ्लावर फेस्टिवल में लोग अपने-अपने फूलों के पौधे के साथ भाग ले सकते हैं।

रहेजा ने कहा कि प्रकृति से हम बहुत कुछ लेते है, लेकिन हमें भी तो प्रकृति को कुछ देना चाहिए। प्रकृति हमें साफ हवा देती है। ऐसे में हमारा भी कर्तव्य बनता है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न करें और अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन का काम करें। उन्होंने बताया कि हलवासिया अमृत उद्यान स्थापित करने के पीछे यही मूल भावना रही है।

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