Body Donation: मां की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए बेटी ने उठाया ऐसा कदम, हर कोई कर रहा सलाम
जब बेटी ने मां को दी आखिरी विदाई, मानवता के नाम कर दिया पूरा शरीर
ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। सरसा जिला के ब्लॉक रोड़ी के गांव मत्तड़ निवासी एक बेटी ने अपनी माता की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्य हेतु दान कर दी। सचखंडवासी को अंतिम विदाई के लिए ब्लॉक से बड़ी संख्या में साध-संगत पहुंची। साध-संगत ने इलाही नारों के साथ फूलों से सजी गाड़ी में पुष्प वर्षा के साथ सचखंडवासी की पार्थिव देह को अंतिम विदाई दी। गांव मत्तड़ निवासी करीब 98 वर्षीय माता सुरजीत कौर इन्सां रविवार देर सांय हृदय गति रुकने से सचखंड जा विराजी। Sirsa News
सुरजीत कौर इन्सां ने परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम शब्द लेकर अपने पूरे परिवार को डेरा सच्चा सौदा से जोड़ा। उनकी बेटी हरभजन कौर इन्सां ने बताया कि उनकी माता ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मरणोपरांत शरीरदान करने का संकल्प लिया हुआ था। वे अक्सर उसे मरणोपरांत शरीरदान करने की अपनी अंतिम इच्छा बारे अवगत करवाती रहती थी। इसी के चलते सोमवार को उनकी मृत देह मेडिकल शोध कार्यों हेतु आदेश मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल शाहबाद कुरुक्षेत्र को दान कर दी गई। रोड़ी के ब्लॉक प्रेमी सेवक पवन इन्सां ने बताया कि माता सुरजीत कौर इन्सां डेरा सच्चा सौदा की दृढ़ विश्वासी सेवादार थी। उनकी कमी गांव व ब्लॉक में हमेशा महसूस होगी।
बेटी ने अपने हाथों से किया पार्थिक देह को विदा | Sirsa News
सुरजीत कौर इन्सां को अंतिम विदाई देने हेतु उनके परिजन एवं बड़ी संख्या में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य पहुंचे। उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी गाड़ी में पुष्प वर्षा एवं इलाही नारों के साथ रुखसत किया गया। इससे पूर्व डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत सुरजीत कौर इन्सां की अर्थी को कंधा उनकी बेटी हरभजन कौर इन्सां, दोहती नरेंद्र कौर इन्सां तथा पौत्री अमनदीप कौर इन्सां व रमनदीप इन्सां ने दिया। सुरजीत कौर इन्सां गांव मत्तड़ की प्रथम शरीरदानी के रूप में हमेशा स्मरणीय रहेंगी।
माता सुरजीत कौर इन्सां को बेहद ही सरल व शालीन स्वभाव की धनी थी। मैं उन्हें वर्षो से जानता हूं। उनका समय अकसर भजन सुमिरन में ही गुजरते देखा। उनके नक्शेकदम पर ही उनकी बेटी है। माता सुरजीत कौर मरणोपरांत भी शरीरदान जैसा वो महान प्रेरणादायक कार्य कर गई जो अपने आप में बहुत बडा उदाहरण है। समाज में ऐसी महान व्यक्तित्व की धनी महिला बहुत कम देखने को मिलती है। इस महादान पर मैं उनकी बेटी हरभजन कौर इन्सां के जज्बे एवं सोच की सराहना करता हूं। - गुरचरण सिंह दंदीवाल (पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी कालांवाली) Sirsa News