बैरियर खत्म, गाड़ियां बिना रुके निकलेंगी: देश में लागू होगा नया टोल सिस्टम, बसताड़ा टोल बनेगा हरियाणा का पहला एमएलएफएफ प्लाजा

कैमरे और सेंसर से चलते-चलते कटेगा टोल, 72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो दोगुना लगेगा जुर्माना

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घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। Gharaunda News: देश में टोल वसूली की व्यवस्था तेजी से बदल रही है। अब हाईवे पर वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम के तहत गाड़ियां सामान्य गति से गुजरेंगी और कैमरे व सेंसर की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। इससे जाम की समस्या खत्म होगी, यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की भी बचत होगी। सरकार इस नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू करने की तैयारी कर रही है। 23 जून को करनाल जिला के बसताड़ा टोल प्लाजा पर एमएलएफएफ शुरू होने वाला है। जिसके बाद वाहन बिना रूके चलेंगे। 

एमएलएफएफ यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो एक बैरियर-फ्री टोल सिस्टम है। इसमें टोल प्लाजा पर किसी भी तरह का गेट या रुकावट नहीं होती। सड़क के ऊपर लगे गैंट्री पर कैमरे और सेंसर लगे होते हैं, जो वाहन की नंबर प्लेट पढ़ते हैं और फास्टैग स्कैन करके टोल राशि अपने आप काट लेते हैं। इसमें एएनपीआर कैमरा, आरएफआईडी और अन्य सेंसर मिलकर काम करते हैं।

इस नई व्यवस्था से वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। गाड़ियां सामान्य स्पीड में निकल सकेंगी। इससे जाम खत्म होगा और लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा। समय और ईंधन दोनों की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

कैसे कटेगा टोल

टोल राशि सीधे फास्टैग से कटेगी। यदि किसी वाहन में फास्टैग नहीं है या बैलेंस कम है तो कैमरा नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान करेगा और ई-नोटिस जारी किया जाएगा। वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा।

टोल चोरी पर लगेगी लगाम

नई व्यवस्था में हर वाहन की नंबर प्लेट रिकॉर्ड होगी और डिजिटल सिस्टम से उसका मिलान किया जाएगा। यदि भुगतान नहीं किया गया तो तुरंत ई-चालान जारी होगा। इससे टोल चोरी लगभग खत्म हो जाएगी।

फास्टैग नहीं होने पर क्या होगा

यदि कोई वाहन चालक बिना फास्टैग के टोल पार करता है तो उसे ई-नोटिस भेजा जाएगा। इसमें भुगतान के लिए 72 घंटे का समय मिलेगा। नोटिस में भुगतान का लिंक दिया जाएगा, जिसके जरिए ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। तय समय में भुगतान नहीं करने पर टोल राशि दोगुनी हो जाएगी। लगातार बकाया रहने पर फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है और अन्य वाहन सेवाओं पर भी रोक लग सकती है।

क्या बिना फास्टैग के टोल वसूली होगी

अब टोल वसूली केवल फास्टैग के माध्यम से ही होगी। यदि फास्टैग में बैलेंस नहीं है तो ई-नोटिस जारी किया जाएगा। वाहन मालिक दिए गए लिंक या परिवहन विभाग के पोर्टल से भुगतान कर सकता है।

बकाया रहने पर कार्रवाई

यदि वाहन मालिक समय पर भुगतान नहीं करता तो उस पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। लंबे समय तक बकाया रहने पर फास्टैग ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और वाहन से जुड़ी अन्य सेवाओं पर भी असर पड़ेगा।

ऑनलाइन भुगतान की समय सीमा

ई-नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे तक ही ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। इसके बाद टोल राशि दोगुनी भरनी होगी। इस नियम से बचने का कोई विकल्प नहीं है और नकद भुगतान की सुविधा नहीं होगी।

नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर सख्ती

यदि कोई वाहन चालक नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करता है या बिना नंबर की गाड़ी लेकर टोल पार करता है तो सेंसर उसे डिटेक्ट कर लेंगे। इसकी रिपोर्ट संबंधित कार्यालय को भेजी जाएगी और आरटीओ के जरिए वाहन का चालान किया जाएगा।

नई तकनीक से लैस होंगे टोल प्लाजा

टोल प्लाजा पर एएनपीआर कैमरे, लाइडार सेंसर, एक्सल डिटेक्टर और आरएफआईडी सिस्टम लगाए जा रहे हैं। ये तकनीक वाहन की पहचान, उसकी श्रेणी और उसकी मूवमेंट को ट्रैक करने में मदद करेगी।

स्पीड कम करने की जरूरत नहीं

इस सिस्टम में वाहन चालकों को स्पीड कम करने की जरूरत नहीं होगी। ट्रायल के दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाले वाहनों को भी सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया है। कैमरे किसी भी स्पीड पर काम करने में सक्षम हैं।

लोकल लोगों को मिलेगी छूट

सरकार ने स्थानीय लोगों के लिए पास की व्यवस्था भी रखी है। टोल के 20 किलोमीटर दायरे में आने वाले वाहन चालकों के लिए 350 रुपए का मासिक पास बनाया जाएगा। यह कैलेंडर महीने के आधार पर मान्य होगा और इसमें अनलिमिटेड ट्रिप की सुविधा मिलेगी। यह लोकल पास केवल निजी वाहनों के लिए होगा। कमर्शियल वाहनों को इस सुविधा में शामिल नहीं किया जाएगा।

कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

इस नई व्यवस्था के लागू होने से टोल बूथ पर काम करने वाले कर्मचारियों की जरूरत कम हो जाएगी। एक टोल प्लाजा पर काम करने वाले लगभग 200 से 250 कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ठेका कंपनी अपने कर्मचारियों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट कर सकती है।एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर केवल सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी ही रहेंगे।

किन वाहनों को मिलेगी छूट

एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकार द्वारा अधिकृत वाहनों को ई-नोटिस नहीं भेजा जाएगा। सरकारी वाहनों के चालकों को भी फास्टैग लगवाने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

फास्टैग को लेकर जरूरी सावधानियां

वाहन चालकों को अपने फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस रखना होगा। इसे सही तरीके से वाहन के शीशे पर लगाना जरूरी है। फास्टैग ब्लैकलिस्ट न हो, इसका ध्यान रखना भी जरूरी है।

देश में अब तक कहां लागू हुआ सिस्टम

देश में अब तक तीन टोल प्लाजा पर यह नई व्यवस्था लागू की जा चुकी है। घरौंडा का बसताड़ा टोल प्लाजा देश का चौथा टोल प्लाजा होगा, जहां यह सिस्टम लागू किया जाएगा।

हरियाणा का पहला एमएलएफएफ टोल

बसताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला टोल होगा, जहां मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य टोल प्लाजा पर भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।

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