नरवाना में बच्चों पर निरीक्षण के नाम पर जुल्म! चिलचिलाती धूप में खड़े किये बच्चे, खुद छांव में बैठी टीम

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Atrocities Against Children:नरवाना (सच कहूँ/राहुल)। हरियाणा सरकार जहां एक तरफ हीट वेव को लेकर बच्चों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं नरवाना के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को स्कूल में निरीक्षण के दौरान मासूम बच्चों को करीब डेढ़ से दो घंटे तक चिलचिलाती धूप में खड़ा रखा गया। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बच्चे तड़पते रहे, लेकिन किसी को उनकी परवाह नहीं थी। Narwana News

सूत्रों ने बताया कि हालात इतने भयावह हो गए कि करीब 10 से 15 बच्चे मौके पर ही चक्कर खाकर गिर पड़े। कई बच्चों को उल्टी, दस्त और लू के गंभीर लक्षण देखने को मिले। यह सब उस वक्त हुआ जब बच्चों को राहत देने की बजाय उन्हें जबरन धूप में खड़ा रखा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों को इस दौरान पीने के लिए पानी तक मुहैया नहीं कराया गया। दूसरी ओर, निरीक्षण के लिए आई टीम के लिए छांव, पंखे और आरामदायक बैठने की पूरी व्यवस्था की गई थी। एक तरफ निरीक्षण टीम आराम फरमा रहे थे, दूसरी तरफ बच्चे गर्मी से बेहाल होकर जमीन पर गिर रहे थे।

विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी हीट वेव गाइडलाइंस में साफ कहा गया था कि बच्चों को धूप से बचाया जाए, पर्याप्त पानी दिया जाए और विशेष सावधानी बरती जाए। लेकिन नरवाना में इन आदेशों को खुलेआम ठेंगा दिखाया गया। ये लापरवाही नहीं, सीधे-सीधे अत्याचार है यह घटना सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला है। सवाल यह उठता है कि क्या निरीक्षण के नाम पर बच्चों की जान जोखिम में डालना अब सिस्टम का हिस्सा बन गया है? सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद अभिभावकों में भारी रोष है। Narwana News

कुछ बच्चों को हल्की असुविधा हुई, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया | Narwana News

स्कूल की ओर से निहित गोयल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में प्रार्थना स्कूल परिसर के अंदर ही करवाई जाती है। सोमवार को निरीक्षण के चलते प्रार्थना एवं संबंधित गतिविधियों में अपेक्षा से अधिक समय लग गया। इस दौरान कुछ बच्चों को हल्की असुविधा हुई, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। उन्होंने ने यह भी बताया कि जिन बच्चों की तबीयत बिगड़ी, उनका स्टैमिना अपेक्षाकृत कम था और संभवत: पोषण की कमी जैसे कारणों की वजह से उन्हें अधिक दिक्कत हुई।
-सिस्टर धान्य, प्रिंसिपल, सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल।

सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल का मामला संज्ञान में आते ही तुरंत स्कूल प्रिंसिपल से बात की। प्रिंसिपल ने घटना को निरीक्षण से जुड़ा बताते हुए अपनी सफाई दी, लेकिन स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हीट वेव से संबंधित सभी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
– संतोष शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, नरवाना।

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