देश की पहली महिला स्काई डाइवर मंजू नैन का पैतृक गांव धमतान साहिब पहुंचने पर ऐसे हुआ स्वागत

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ग्रामीणों ने चांदी का मुकुट व सवा लाख से किया सम्मानित।

सचकहूँ / कुलदीप नैन
धमतान साहिब / जीन्द

हरियाणा की बेटियां नित नए आयाम छू रही है। देश की पहली महिला सोल्जर स्काई डाइवर बनने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव धमतान साहिब पहुंची मंजू नैन के स्वागत में शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने अपनी लाडली बेटी का फूल मालाओं व आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया। गाँव पहुंचने पर मंजू को ग्रामीणों ने चांदी का ताज व 1.25 लाख रुपये से सम्मानित किया।

मंजू के साथ भारतीय सेना से बिर्गेडियर नवदीप बराड़ व कमांडो पवन विशेष रूप से शिरकत करने गाँव धमतान साहिब पहुंचे, जिस पर ग्रामीणों ने उनका तहदिल से धन्यवाद व स्वागत करते हुए उन्हें भी सम्मानित किया। मंजू ने गाँव मे पहुंचने पर सबसे पहले शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। उसके बाद स्वागत समारोह स्थल पर ग्रामीणों ने अपनी लाडली बेटी को सम्मानित किया। समारोह में ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। स्वागत समारोह में छोटे बच्चे महिला पुरूष बुजर्ग तिरंगा झण्डा लेकर देशभक्ति का परिचय देते नजर आए।

धरौदी गौशाला में किया सम्मानित

पैतृक गाँव धमतान साहिब पहुंचने से पहले गाँव धरौदी में ग्रामीणों व गौशाला कमेटी के मौजिज लोगो ने फूल मालाएं पहनाकर मंजू नैन का स्वागत किया। गौशाला में पहुंचने पर धरौदी व आसपास के गाँवो के लोगो ने मंजू नैन को अपना भरपूर प्यार व आशीर्वाद देते हुए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। । इसके बाद सैकड़ो मोटरसाइकिल व गाडियो के काफिले के साथ मंजू नैन अपने गांव धमतान साहिब पहुंची। इस दौरान पूरे गांव में जश्न मनाया गया व मिठाई बांटी गई।

गाँवो के गणमान्य जनों ने कहा कि यह हम सभी के लिए एक महान क्षण है। हमारी लाडली बेटी मंजू ने सिर्फ अपने गांव धमतान साहिब का ही नहीं, बल्कि पूरे जीन्द जिले व हरियाणा राज्य का नाम भारत देश मे रोशन किया है।
हमे गर्व है हमारी इस लाडली बेटी पर और हम सभी से यही अपील करते है कि अपनी बेटियो को शिक्षा व खेलो में आगे बढ़ाकर देश सेवा का जज्बा पैदा करो।

गौरतलब है कि मंजू नैन हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली है। भारतीय सेना में लांस नायक मंजू नैन ने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए 10,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। वह हरियाणा व देश की लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं। मंजू ने 15 नवंबर को हेलीकॉप्टर ध्रुव से छलांग लगाकर ये उपलब्धि हासिल की थी। सेना के ईस्टर्न कमांड ने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें दिखाया गया कि मंजू ने हेलिकॉप्टर से कैसे छलांग लगाई, उनका पैराशूट कैसे खुला और कैसे उन्होंने लैंडिंग की।

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