Roadways Strike News: रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर आया बड़ा अपडेट!

दो दिन में रोड़वेज को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान

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Roadways Strike: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। रात्रि भत्ता, बोनस, ओवरटाइम, एलटीसी सहित अन्य मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से सोमवार को दूसरे दिन भी यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सरसा डिपो की 168 बसों में से सुबह के समय केवल पांच बसें ही दिल्ली, चंडीगढ़ और सूरतगढ़ रूट पर चल पाईं। वहीं डबवाली सब डिपो की बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। ग्रामीण रूटों पर बसें नहीं चलने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

हालांकि दूसरे डिपो और निजी बसों के संचालन से लंबे रूटों के यात्रियों को कुछ राहत मिली। दिनभर हड़ताल के चलते सरसा डिपो के 160 से अधिक बस फेरे प्रभावित रहे। सरसा से कालांवाली, डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद और नाथूसरी चौपटा सहित कई रूटों पर बसों का संचालन बंद रहा। सुबह के समय सरसा से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए दो-दो तथा सूरतगढ़ के लिए एक बस रवाना हुई। डबवाली सब डिपो में भी सुबह कुछ बसें चलने के बाद कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया। रोडवेज सांझा मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने वर्कशॉप गेट पर धरना जारी रखते हुए सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

bus stand
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बस स्टैंड पर खड़ी अन्य डिपुओं की बसें। 

 

बैठक के बाद मांगों पर बनी सहमति, शाम 5 बजे लौटे काम पर

हड़ताल समाप्त करवाने के लिए रोडवेज महाप्रबंधक अजय दलाल ने कर्मचारियों के साथ बैठक की। शाम करीब 4 बजे हुई बैठक में कर्मचारियों के मेडिकल बिलों की राशि जारी करवाई गई। इसके अलावा एक माह का करीब 15 लाख रुपये का ओवरटाइम भत्ता और दो माह का करीब 15 लाख रुपये का टीए जारी करवाया गया। अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 तक के रात्रि भत्ते के बिल खजाना अधिकारी को भेज दिए गए हैं। रात्रि ठहराव की राशि के संबंध में मुख्यालय से अनुमति भी मिल गई है। महाप्रबंधक ने कर्मचारियों को दो दिन में संबंधित राशि खातों में जारी होने का लिखित आश्वासन दिया। एलटीसी की राशि को लेकर भी मुख्यालय से संपर्क किया जा रहा है। मांगों पर सहमति बनने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब 5 बजे कर्मचारी काम पर लौट आए। इसके बाद बसों का संचालन दोबारा शुरू हो गया।

दो दिन में रोडवेज को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान

कर्मचारियों की हड़ताल से दो दिनों में रोडवेज को करीब 20 लाख रुपये की आय का नुकसान होने का अनुमान है। विभाग को प्रतिदिन करीब 15 लाख रुपये की आय होती है। हड़ताल के दौरान किलोमीटर स्कीम की बसों का संचालन भी प्रभावित रहा।

नाथूसरी चौपटा में भी यात्री रहे परेशान

हड़ताल का असर नाथूसरी चौपटा बस स्टैंड पर भी देखने को मिला। सुबह यात्री बसों के इंतजार में स्टैंड पर पहुंचे, लेकिन सरसा डिपो की बसें नहीं मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। फतेहाबाद डिपो की बसें चौपटा वाया भट्टू रूट पर चलती रहीं, जबकि नोहर और भादरा रूट पर बसों का संचालन बंद रहा। डबवाली डिपो की एक बस सुबह चौपटा से पोकरण के लिए रवाना हुई, लेकिन बाद में वहां भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। ग्रामीण रूटों पर बसें नहीं मिलने से यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।

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