Body Donation: सचखंडवासी कैलाशचन्द्र इन्सां की पावन देह आएगी मेडिकल खोजों के काम

मरणोपरांत हेड कांस्टेबल कैलाशचन्द्र इन्सां के नेत्र और शरीरदान, बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर निभाया अपना फर्ज

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हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की ओर से चलाई जा रही 'अमर सेवा मुहिम' के तहत हर रोज एक नया दधीचि सामने आ रहा है। पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं का ही कमाल है कि आज डेरा सच्चा सौदा के लाखों सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। दधीचियों की इस श्रृंखला में अपना नाम शामिल करवाया है हनुमानगढ़ ब्लॉक के न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी कैलाशचन्द्र इन्सां (60) पुत्र बनवारी राम ने।

जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लेने वाले राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात कैलाशचन्द्र इन्सां के परिजनों ने मंगलवार को सचखंडवासी कैलाशचन्द्र इन्सां का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। जानकारी के अनुसार डेरा सच्चा सौदा सेवादार कैलाशचन्द्र इन्सां सोमवार को हार्ट अटैक के कारण अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी करते हुए कुल मालिक के चरण कमलों में सचखंड जा विराजे।

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की ओर से सत्संग के माध्यम से दी जाने वाली पावन प्रेरणा से प्रभावित होकर कैलाशचन्द्र इन्सां ने अपने जीते जी प्रण किया था कि मरणोपरांत उनकी देह मेडिकल रिसर्च के लिए जाए। उनकी अंतिम इच्छा व पूज्य गुरु जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने सचखंडवासी कैलाशचन्द्र इन्सां की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, उत्तर प्रदेश को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की। इससे पहले उनकी आंखें भी दान की गईं। इससे दो अंधेरी जिंदगियों को रोशनी मिलेगी।

सचखंडवासी कैलाशचन्द्र इन्सां को अंतिम विदाई देने के लिए सच्चे नम्र सेवादार, सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, परिजन, साध-संगत व परिचित डीटीओ ऑफिस के नजदीक न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित उनके आवास पर एकत्रित हुए तथा डेरा सच्चा सौदा की मर्यादा अनुसार विनती का शब्द बोलकर विदा किया। इससे पूर्व पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत बेटियों ज्योति इन्सां व किरण इन्सां ने सचखंडवासी कैलाशचन्द्र इन्सां की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।

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कैलाशचन्द्र इन्सां की धर्मपत्नी पिंकी देवी, पुत्र दीपक इन्सां, पुत्रियों ज्योति इन्सां व किरण इन्सां सहित अन्य परिजनों, परिचितों व साध-संगत ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। एंबुलेंस में कैलाशचन्द्र इन्सां के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा उनके निवास से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में डेरा श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक शामिल हुए। हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और 'कैलाशचन्द्र इन्सां अमर रहे.. अमर रहे..' के नारे गूंज रहे थे।

हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। इस मौके पर मौजूद शहर के गणमान्य नागरिकों ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई गई शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है। क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीर दान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। सचखंडवासी कैलाशचन्द्र इन्सां की देहदान के मौके पर सच्चे नम्र सेवादार, सच्ची प्रेमी समिति सेवादार, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार भाई-बहन, साध-संगत व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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