शिक्षा और रोजगार
Triveni Youth Festival-2026: सीडीएलयू में त्रिवेणी युवा महोत्सव-2026 में भांगड़ा, हरियाणवी नृत्य और छठ पूजा ने बांधा समां
35 संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने निकाली सांस्कृतिक शोभायात्रा
Triveni Youth Festival-2026: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। युवा उमंग, लोक संस्कृति की छटा और अपनी प्रतिभा दिखाने का उत्साह... चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सरसा में रविवार को 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव-2026 का भव्य आगाज हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में निकाली गई सांस्कृतिक शोभायात्रा ने महोत्सव के रंगों को और गहरा कर दिया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों और 35 संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लेकर हरियाणा सहित देश की विभिन्न लोक परंपराओं की झलक पेश की। 'युवा उमंग, संस्कृति के संग' थीम पर आयोजित चार दिवसीय महोत्सव में युवाओं को कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।
महोत्सव का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, गणेश वंदना, वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। कार्यक्रम में पंडित लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने की। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलगुरु प्रो. बीआर काम्बोज, फतेहाबाद के उपायुक्त डॉ. विवेक भारती और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) के आईटी प्रमुख सौरव दीक्षित विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अधिष्ठाता युवा कल्याण प्रो. मंजू नेहरा ने अतिथियों का स्वागत किया।
संस्कृति से जुड़कर युवा अपनी ऊर्जा को दें सकारात्मक दिशा
सुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी ऊर्जा, टीम भावना और प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने, रचनात्मक सोच विकसित करने और सामूहिक रूप से काम करने का अवसर देते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में हमारी संस्कृति हर्ष, उल्लास और सकारात्मकता का संदेश देती है।
कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना युवाओं के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ महोत्सव की थीम 'युवा उमंग, संस्कृति के संग' रखी गई है। भारत, विशेषकर हरियाणा और पंजाब की धरती, सर्वकल्याण और पूरी दुनिया को अपना परिवार मानने का संदेश देती है।
स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर लक्ष्य तय करें युवा
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलगुरु प्रो. बीआर काम्बोज ने कहा कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय युवाओं को उत्साह, ऊर्जा और ज्ञान से जोड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देते हैं।
पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी
फतेहाबाद के उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने कहा कि जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी है। ऐसे आयोजन युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे उत्साह से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और हर अनुभव से सीख लेने के लिए प्रेरित किया।
जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण है सहभागिता
एआईयू के आईटी प्रमुख सौरव दीक्षित ने एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज की भूमिका और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव में जीत या हार से अधिक महत्वपूर्ण सहभागिता, मेहनत और संघर्ष है। विद्यार्थियों को अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए लगातार आगे बढ़ना चाहिए और हर अवसर को सीखने के रूप में लेना चाहिए।
भांगड़ा, हरियाणवी नृत्य और छठ पूजा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर विद्यार्थियों ने भांगड़ा, हरियाणवी लोकनृत्य और छठ पूजा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगी वेशभूषा, लोक संगीत की धुनों और जोश से भरी प्रस्तुतियों ने विश्वविद्यालय परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार, डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. सुशील कुमार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुरेंद्र सिंह, डीन ऑफ़ कॉलेजिज प्रो. राम मेहर दीक्षित, प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई, प्रो. सुल्तान ढांडा, प्रो. आरके सलार, प्रो. रंजीत कौर और ब्रह्मजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. चरणप्रीत, डॉ. टिम्सी मेहता और डॉ. शमशेर कासनिया ने किया।
त्रिवेणी युवा महोत्सव में तीन मंचों पर होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं
- मंच-1 : मुख्य एमपी हॉल:- कोरियोग्राफी, लोक ऑर्केस्ट्रा और शास्त्रीय नृत्य।
- मंच-2 : ऑडिटोरियम:- भारतीय समूह नृत्य और शास्त्रीय एकल गायन।
- मंच-3 : सीवी रमन भवन, सेमिनार हॉल:- काव्य संगोष्ठी।

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