Electricity Employees Protest: दशहरे पर बिजली कर्मचारियों ने जलाए हरियाणा सरकार के पुतले, जानें क्या है मामला?
22 से 24 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को सरसा सर्कल में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन मुकेश गर्ग के पुतले फूंके। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
संयुक्त मोर्चा ने 22, 23 और 24 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। प्रदर्शन में सर्कल सचिव सतिंदर मोंगा, मदन कंबोज, यूनिट प्रधान सीताराम सोनी व मीत चंद, सुरेश मंगल, सतवीर नाथूसरी, राकेश जांगड़ा, जसपाल, अमरीक, धर्मेंद्र, विनोद जांगड़ा, कालांवाली से लखवीर, राजवीर, सुरजीत बेदी, अविनाश कंबोज और विजय सैनी सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे।
25 साल के लाइसेंस पर जताया विरोध
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले से सरकारी बिजली निगमों के भविष्य, कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक जनसेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने और बिजली वितरण व्यवस्था को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखने की मांग की।
आज आदेश की प्रतियां जलाएंगे
संयुक्त मोर्चा के घोषित कार्यक्रम के तहत आज 21 अक्तूबर को हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) के आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी। इसके बाद 22 से 24 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी।