Sumit Sangwan News: एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट कबड्डी स्टार का चरखी दादरी में भव्य स्वागत
चरखी दादरी की धरती के लाल सुमित सांगवान का अगला लक्ष्य World Cup
Sumit Sangwan News: भिवानी/चरखी दादरी, (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। 20वें एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले स्टार डिफेंडर सुमित सांगवान के गृह जिले चरखी दादरी पहुंचने पर आदमपुर दाढ़ी में भव्य स्वागत एवं नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। क्षेत्रवासियों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ खुली जीप में उनका विजयी जुलूस निकाला और जोरदार स्वागत किया। इस दौरान खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने सुमित को नोटों की मालाएं पहनाकर व मिठाई खिलाकर बधाई दी।
मीडिया से बातचीत में गोल्ड मेडलिस्ट कबड्डी खिलाड़ी सुमित सांगवान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और गांव की मिट्टी को दिया। उन्होंने कहा कि मैं बचपन से ही गांव में कोच साहब के पास अभ्यास कर रहा था और उन्हीं के मार्गदर्शन की बदौलत आज देश के लिए गोल्ड मेडल जीत सका हूं। फाइनल मैच से पहले हमारे मन में किसी भी प्रकार का संशय नहीं था, घर से ही यह सोचकर निकले थे कि सिर्फ गोल्ड मेडल ही लेकर लौटना है। ईरान के खिलाफ मैच काफी कड़ा था, लेकिन टीम को अपनी जीत पर पूरा भरोसा था। सरकार भी खिलाड़ियों को पूरा सहयोग दे रही है। अब हमारा अगला लक्ष्य आगामी मार्च में होने वाला वर्ल्ड कप है, जिसकी तैयारी जल्द शुरू करेंगे। युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल और पढ़ाई में निरंतर मेहनत करनी चाहिए।
समारोह में पहुंचे भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कोच एवं द्रोणाचार्य अवार्डी असन सांगवान ने सुमित के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आदमपुर गांव ऐतिहासिक बन चुका है, जहां से हर एशियन गेम्स में खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत-ईरान के रोमांचक फाइनल मुकाबले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं। डिफेंस में अगर सुमित ने वे दो निर्णायक कैच नहीं पकड़े होते, तो मुकाबला किसी भी ओर जा सकता था। उनके उसी शानदार डिफेंस ने भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाला। सुमित का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। युवाओं को इससे सीख लेकर निरंतर अभ्यास, उचित खानपान और कड़े अनुशासन में रहकर आगे बढ़ना चाहिए।
गोल्ड मेडलिस्ट सुमित सांगवान के कोच जय सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ग्रामीणों के भरपूर सहयोग और बच्चों की कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल हुआ है। हमारी इस मिट्टी से अब तक 8 खिलाड़ी एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट बन चुके हैं और सैकड़ों खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर, सब-जूनियर व सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सुमित की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।