निगरानी कमेटी ने माना, गरीबों का राशन गबन कर रहे थे डिपो संचालक, ‘सच कहूँ’ ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

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सच कहूँ/संदीप सिंहमार
हिसार। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तहत चल रहे सरकारी राशन डिपो में गरीबों का राशन डकारने वाली दैनिक ‘सच कहूँ’ कि न्यूज को जब अधिकारियों ने भी सही माना है। इस मामले में हिसार नगर निगम के मेयर गौतम सरदाना व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के आदेश मिलने के बाद जांच रिपोर्ट पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में बड़े स्तर पर गड़बड़झाला सामने आया है। इस मामले में निगरानी कमेटी के सदस्यों नरेश कुमार,अजय सेठी,बलबीर खटक व गगन ओबेरॉय में अपनी जाँच रिपोर्ट मेयर गौतम सरदाना को सौंपी है। ध्यान रहे कि दैनिक ‘सच कहूँ’ ने 21 अगस्त को ‘गरीबों का राशन डकार रहा सरकारी डिपो संचालक’ व 24 अगस्त को एक ही परिवार को साथ राशन अलॉट शीर्षक से प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया था।

 बड़े स्तर पर अनियमिताएं पाई गई

खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर बीते दिनों निगरानी कमेटी ने शहर के राशन डिपो की जांच की थी। जिसमें बड़े स्तर पर अनियमिताएं पाई गई थी। निगरानी कमेटी के सदस्यों ने बताया कि अधिकारियों के दौरान निरीक्षण में पाया गया कि लाडो रानी के सात डिपो में से चार डिपो को खुलवाकर जांच की गई थी। जिसमें नियमों की पूर्ण अवहेलना हो रही थी। डिपो होल्डर द्वारा कार्डधारकों को पूरा राशन नहीं दिया जा रहा था। तीन डिपो का राशन एक ही डिपो से दिया जा रहा था।

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सूचना पट्ट भी नहीं मिला

राशन डिपो पर कोई सूचना पट्ट नहीं लगाया हुआ था। डिपो धारक के पास ओपीएच, बीपीएल व एपीएल की लिस्ट मौजूद नहीं थी। डिपो होल्डर अपनी मर्जी से राशन डिपो खोलता है, उसका कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। जो नियमों के खिलाफ है। पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद पीओएस मशीन से स्लीप प्राप्त नहीं होती है। डिपो धारक अपने स्तर पर एक पेज पर सामग्री लिख देता है। जो नियमानुसार गलत है। वहीं सरकार की रेट से ज्यादा पर लोगों को राशन दिया जा रहा था। जैसे नमक 4 रुपये की जगह 10 रुपये प्रति किलोग्राम, चीनी साढ़े 13 किलोग्राम की जगह 20 रुपये प्रति किलोग्राम जनता को राशन दिया जा रहा था।

 घर जाकर अंगूठा लगवाती थी लाडो रानी

डिपो होल्डर लाडो रानी राशन डिपो पर कार्ड धारक का पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाने की बजाय घर जाकर अंगूठा लगवाती है। 68 कार्ड धारकों को वितरित किया गया राशन की मात्रा डिपो धारक को दी गई मात्रा से अलग दर्शाई गई है। जो सीधे तौर पर राशन का गबन किया गया है। जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि सातों राशन डिपो एक ही परिवार द्वारा चलाए जा रहे है जो नियमानुसार गलत है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी राशन डिपो को तुरंत प्रभाव से रद्द कर आगामी कार्रवाई की जाए। महापौर गौतम सरदाना ने कहा कि 10 सितंबर को सुबह 11 बजे नगर निगम कार्यालय में सभी पार्षदों के साथ खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।

बख्शा नहीं जाएगा

निगरानी कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता के साथ धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गौतम सरदाना, महापौर, नगर निगम हिसार।

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