Manipur Kuki Naga Clashes: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, महिला की गोली मारकर हत्या; कई घर आग के हवाले

मणिपुर हिंसा के बाद प्रशासन सख्त, इलाके में क्यों लागू हुई निषेधाज्ञा?

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इंफाल (सच कहूँ/एजेंसी)। मणिपुर के कामजोंग जिले में शुक्रवार रात कुकी और नागा समुदायों के बीच ताजा हिंसक घटनाओं की सूचना मिली है। इस दौरान एक महिला की गोली लगने से मौत होने और कई घरों में आग लगाए जाने की खबर है। हालात को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने कुछ क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना शुक्रवार रात नागा बहुल कामजोंग जिले के चस्साद गांव में हुई, जहां कुकी समुदाय की आबादी भी है। मृत महिला की पहचान डोमखोनेई तौथांग के रूप में बताई गई है। वह पांच बच्चों की मां थीं। जानकारी के अनुसार, उनके गले के पास गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।

सुरक्षा बलों और संदिग्ध हथियारबंद लोगों के बीच गोलीबारी

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों पर संदिग्ध कुकी सशस्त्र समूहों की ओर से गोलीबारी किए जाने के बाद स्थिति बिगड़ी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से गोली चलने की खबर है। बताया गया कि गोलीबारी शनिवार सुबह तक जारी रही। इस दौरान दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। चार घरों में आग लगाए जाने की भी खबर सामने आई है। हालांकि, घायलों की वास्तविक संख्या, उनकी स्थिति और संपत्ति के नुकसान के संबंध में आधिकारिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

हिंसा के बाद कामजोंग जिला प्रशासन ने चस्साद पुलिस गेट जंक्शन के आसपास 400 मीटर के दायरे में प्रतिबंध लागू किए। जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, आग्नेयास्त्र अथवा अन्य संभावित खतरनाक वस्तुएं लेकर चलने और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों, मजिस्ट्रेटों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को छूट दी गई है। संबंधित अधिकारियों से विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्तियों को भी नियमानुसार छूट मिल सकती है।

महिला की मौत को लेकर संगठनों ने उठाए सवाल

कुकी संगठनों का दावा है कि चस्साद गांव के स्वयंसेवकों की कथित गिरफ्तारी और हिरासत के विरोध में महिलाओं का एक समूह प्रदर्शन कर रहा था। कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम (KHRF) के अनुसार, इसी प्रदर्शन के दौरान डोमखोनेई तौथांग को गोली लगी और शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। दूसरी ओर, 9 और 10 अक्टूबर की मध्यरात्रि अज्ञात उपद्रवियों द्वारा तांगखुल नागा ग्रामीणों के घरों में आग लगाए जाने की भी सूचना है। इन घटनाओं और घायलों की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम, कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन और कुकी सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन वर्किंग कमेटी, उखरुल समेत कई संगठनों ने महिला की मौत की निंदा की है। संगठनों ने घटना के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कामजोंग में ताजा घटनाओं के बाद क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। मामले में मृतका की मौत की परिस्थितियों, गोलीबारी में शामिल लोगों और आगजनी की घटनाओं की स्वतंत्र जांच तथा प्रशासन की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

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