Pralhad Joshi Latest News: राहुल की मांगें बेवकूफियों की पराकाष्ठा: प्रल्हाद जोशी

बोले-मृतक लोगों के नाम मतदाता सूची में कैसे रखें जा सकते है!

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Pralhad Joshi Statement: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने जयपुर में कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में सरकार बदलने का अधिकार केवल लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से जनता को प्राप्त है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से बांग्लादेश के युवाओं और वहां हुए सत्ता परिवर्तन का उदाहरण दिए जाने पर सवाल उठाए। जोशी ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान और देश की परंपराओं पर आधारित है तथा जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनने में सक्षम है।

SIR को लेकर कांग्रेस पर निशाना

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर बोलते हुए जोशी ने दावा किया कि देश में यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और पूर्व में कांग्रेस के शासनकाल में भी इसका आयोजन हुआ था। उनके अनुसार, मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले नामों की समीक्षा जरूरी है।

केंद्रीय मंत्री ने मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे नामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिनके संबंध में मृत्यु, स्थानांतरण या अनुपस्थिति जैसी स्थितियां बताई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने का अनुरोध कर सकता है।

जोशी ने राजस्थान में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर SIR का विरोध राजनीतिक कारणों से करने का आरोप लगाया। मतदाता सूची से संबंधित आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड देखना आवश्यक है।

चुनावी नतीजों और EVM पर भी टिप्पणी

प्रल्हाद जोशी ने विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों का हवाला देते हुए कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस कई बार EVM और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। उनके अनुसार, बैलेट पेपर से हुए कुछ चुनावों में भी कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। जोशी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका के इतिहास का जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने निर्वाचन आयोग में पूर्व नियुक्तियों और आपातकाल के दौर का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के पुराने शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर चर्चा करते समय राजनीतिक दलों को अपने इतिहास और आचरण पर भी विचार करना चाहिए।

जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध बताया। उन्होंने तकनीक के उपयोग को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का माध्यम बताया। भारत की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए जोशी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि, स्टार्टअप की संख्या, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के मुकाबले देश में स्टार्टअप की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और इस क्षेत्र ने रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति को देश के नागरिकों के परिश्रम और केंद्र सरकार की नीतियों से जोड़ा।

त्योहारों के दौरान प्रदर्शनों पर सवाल

जोशी ने नवरात्रि और दीपावली जैसे त्योहारों के समय विपक्ष की ओर से किए गए प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि हालिया प्रदर्शन के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के प्रभावों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मतदाता सूची और नागरिकता से संबंधित विवादों पर जवाब देने की मांग की। जोशी ने कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के नेताओं के आचरण पर सवाल उठाए। इन आरोपों के संबंध में संबंधित रिकॉर्ड और न्यायिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी निशाना

कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर जोशी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर लगातार काम करने की जरूरत है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों और विदेश यात्राओं को लेकर आलोचना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की मांग उचित नहीं है। उनके अनुसार, चुनाव में जीत हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए और जनादेश का सम्मान करना चाहिए। जोशी ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और देश की एकता को मजबूत बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।

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