अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को फिर से हिंदी माध्यम में बदलने की तैयारी
शिक्षा विभाग ने राज्य भर के कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से मांगी रिपोर्ट
जयपुर। राजस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को पत्र लिखकर कहा गया है कि राज्य में 346 ऐसे महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय है जिनमें विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत न्यून होने के कारण इन विद्यालयों में हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है। Rajasthan Education News
346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों का अविलंब हिन्दी माध्यम में संचालित करने के संबंध में नियमानुसार वांछित प्रस्ताव / टिप्पणी शीघ्र प्रेषित करने हेतु कहा गया है। उसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने दिशा में प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों (सीडीईओ) से ऐसे विद्यालयों का विस्तृत प्रस्ताव और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है, जहां अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम संचालित करना व्यावहारिक और आवश्यक माना जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को जारी निर्देशों में कहा है कि राज्य में संचालित करीब 3,737 महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में से 346 विद्यालय ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां विद्यार्थियों का नामांकन अपेक्षा से काफी कम है। इन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम शुरू करने की - संभावना का परीक्षण किया जाएगा, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिल सकें और विद्यालयों के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।
हर स्कूल का होगा विस्तृत अध्ययन | Rajasthan Education News
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यालय में हिंदी माध्यम शुरू करने से पहले विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। जिला स्तर पर यह बताना होगा कि संबंधित विद्यालय में हिंदी माध्यम शुरू करने की आवश्यकता क्यों है, इसका अंग्रेजी माध्यम में अध्ययनरत विद्यार्थियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और आसपास पहले से संचालित हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की दूरी, नामांकन और उपलब्ध विषयों की स्थिति क्या है।
नामांकन के आंकड़े भी होंगे आधार
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विद्यालय के अंग्रेजी माध्यम बनने से पहले और उसके बाद प्रत्येक वर्ष का कक्षावार नामांकन विवरण भी रिपोर्ट के साथ भेजा जाए। इससे यह आकलन किया जा सकेगा कि अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तन के बाद छात्र संख्या में कितना बदलाव आया और वर्तमान स्थिति क्या है।स्थानीय जरूरत के अनुसार होगा निर्णय
जिन क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अपेक्षित नामांकन नहीं जुटा पा रहे हैं, वहां हिंदी माध्यम शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, प्रवेश बढ़ेगा व उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय जिला स्तर से प्राप्त तथ्यों, विश्लेषण और अनुशंसाओं के आधार पर ही लिया जाएगा।
अंग्रेजी माध्यम से हिंदी माध्यम में संचालित होने वाले स्कूलों का विवरण
राजस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी 346 स्कूलों की सूची में में जिला बार संख्या इस प्रकार से है।
जिले का नाम स्कूलों की संख्या
जयपुर 34
सीकर 28
जोधपुर 22
झुंझुनु 22
दौसा 15
बीकानेर 18
भरतपुर 13
डीडवाना कुचामन 14
उदयपुर 11
गंगानगर 07
हनुमानगढ़ 08
चुरू 09
अजमेर 07
अलवर 10
बारां 07
बाड़मेर 03
बालोतरा 10
ब्यावर 01
भीलवाड़ा 08
बूंदी 02
चित्तौड़गढ़ 04
धौलपुर 02
राजसमन्द 04
सवाई माधोपुर 02
टोंक 04
डीग 01
फलोदी 11
प्रतापगढ़ 02
सिरोही 04
जालौर 12
झालावाड़ 01
कोटा 01
करौली 07
खैरथल-तिजारा 08
कोटपुतली-बहरोड़ 09
नागौर 05
पाली 09
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को बंद करने की जगह अलग से केडर बनाकर की होनी चाहिए थी भर्ती | Rajasthan Education News
राज्य में संचालित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी फीस से छुटकारा दिलाया है। लेकिन अब राज्य सरकार कम नामांकन वाले 346 स्कूलों को बंद करने जा रही है। शिक्षक संघ रेसटा की मांग है अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नियुक्त हिंदी माध्यम शिक्षकों की नियुक्ति के स्थान पर अलग से केडर बनाकर सीधी भर्ती की जाएं तो इन स्कूलों में नामांकन भी बढ़ेगा और शिक्षा का स्तर में गुणवत्ता पूर्ण सुधार भी होगा। इसलिए स्कूलों को बंद करने से पहले एक बार केडर आधारित भर्ती करके इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति हो अगर फिर भी नामांकन वृद्धि नहीं होती तो कम नामांकन वाली स्कूलों को बंद करना चाहिए। मोहर सिंह सलावद,प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान।