शिक्षा और रोजगार
Jind Sonipat Hydrogen Train: जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जींद से सोनीपत तक 89 किलोमीटर का रूट
Jind Sonipat Hydrogen Train: जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जींद से सोनीपत तक 89 किलोमीटर का रूट
जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली यह पर्यावरण अनुकूल ट्रेन भारत को हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बनाती है।
भारत बनेगा दुनिया का पांचवां देश
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन शुरू होने के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया, जिनके पास यह अत्याधुनिक तकनीक है। इससे पहले जर्मनी, चीन, जापान और अमेरिका ही इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। भारतीय रेलवे के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई है।
25 रुपये में हाईटेक और पर्यावरण अनुकूल सफर
यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच संचालित होगी और एक बार में लगभग 2600 यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखती है। आम यात्रियों के लिए किराया करीब 25 रुपये रखा गया है, जिससे लोगों को किफायती और आधुनिक यात्रा का विकल्प मिलेगा। ट्रेन में 10 आधुनिक कोच लगाए गए हैं और यह डीजल ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी मानी जा रही है। हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य हो जाता है, इसलिए इसे प्रदूषण मुक्त परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जींद से सोनीपत तक 89 किलोमीटर का रूट
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे मार्ग पर चलेगी। रास्ते में यह गोहाना, बुताना और मोहाना सहित कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन लगभग 2 घंटे में यह दूरी तय करेगी। सामान्य ट्रैक पर इसकी अधिकतम परिचालन गति 75 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि इसे 110 किमी प्रति घंटा की शीर्ष गति के लिए डिजाइन किया गया है।
रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह
रैली स्थल पर तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे राज्यसभा सांसद और कार्यक्रम प्रभारी संजय भाटिया ने कार्यकर्ताओं के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह रैली ऐतिहासिक साबित होगी और इसे सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई दिनों तक लगातार मेहनत की है।
इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ भारत ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है, जिसे भविष्य की हरित परिवहन क्रांति की मजबूत नींव माना जा रहा है।